hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Abhishek Baba
shahar men tere kamra kiraye ka bas
shahar men tere kamra kiraye ka bas | शहर में तेरे कमरा किराए का बस
- Abhishek Baba
शहर
में
तेरे
कमरा
किराए
का
बस
चाहता
हूँ
मैं
मेरा
हो
घर
भी
यहाँ
- Abhishek Baba
Download Sher Image
दिल
की
बस्ती
पुरानी
दिल्ली
है
जो
भी
गुज़रा
है
उसने
लूटा
है
Bashir Badr
Send
Download Image
32 Likes
नक़्शा
उठा
के
और
कोई
शहर
देखिए
इस
शहर
में
तो
सब
से
मुलाक़ात
हो
गई
Nida Fazli
Send
Download Image
22 Likes
धुआँ
जो
कुछ
घरों
से
उठ
रहा
है
न
पूरे
शहर
पर
छाए
तो
कहना
Javed Akhtar
Send
Download Image
36 Likes
न
जाने
कैसी
महक
आ
रही
है
बस्ती
से
वही
जो
दूध
उबलने
के
बाद
आती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
19 Likes
नई
नई
आँखें
हों
तो
हर
मंज़र
अच्छा
लगता
है
कुछ
दिन
शहर
में
घू
में
लेकिन
अब
घर
अच्छा
लगता
है
Read Full
Nida Fazli
Send
Download Image
76 Likes
इस
शहर
में
किस
से
मिलें
हम
सेे
तो
छूटीं
महफ़िलें
हर
शख़्स
तेरा
नाम
ले
हर
शख़्स
दीवाना
तिरा
Ibn E Insha
Send
Download Image
28 Likes
उसी
का
शहर
वही
मुद्दई
वही
मुंसिफ़
हमें
यक़ीं
था
हमारा
क़ुसूर
निकलेगा
Ameer Qazalbash
Send
Download Image
40 Likes
किन
नींदों
अब
तू
सोती
है
ऐ
चश्म-ए-गिर्या-नाक
मिज़्गाँ
तो
खोल
शहर
को
सैलाब
ले
गया
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
23 Likes
एक
दरवेश
को
तिरी
ख़ातिर
सारी
बस्ती
से
इश्क़
हो
गया
है
Ammar Iqbal
Send
Download Image
43 Likes
बदन
लिए
तलाशता
फिरू
हूँ
रात
दिन
उसे
सुना
है
जान
भी
मेरी
कहीं
इसी
शहर
में
है
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
33 Likes
Read More
आपने
जैसे
ही
जाना
है
मौत
ने
मुझको
बस
खाना
है
इक
किराये
का
बस
घर
ही
है
आपने
महँगे
घर
जाना
है
हमको
पागल
तो
करना
नहीं
उसने
करके
ही
तो
माना
है
प्यार
में
प्यार
मुश्किल
है
ये
जिस्म
तो
आपका
दाना
है
रात
की
बातें
किस
सेे
करूँँ
आपने
जल्दी
सो
जाना
है
ख़ैर
ये
बातें
छोड़ो
भी
अब
कौन
सा
उसको
अब
आना
है
Read Full
Abhishek Baba
Download Image
2 Likes
तेरे
नज़दीक
आ
कर
सोचता
हूॅं
हसीना
ख़ुद-कुशी
की
इतनी
दिलकश
Abhishek Baba
Send
Download Image
1 Like
रब्त
क्या
आते
निभाने
आपको
राज़
होते
हैं
छुपाने
आपको
दर्मियाँ
में
ज़ात
का
है
मसअला
प्यार
में
हैं
गुल
खिलाने
आपको
वस्ल
की
शब
भी
बहाना
नींद
का
हैं
बहुत
आते
बहाने
आपको
हर
किसी
से
आप
मिलते
हैं
गले
कितनो
के
हैं
घर
बसाने
आपको
कूचा-ए-माज़ी
में
जा
कर
शा'इरी
खोटे
सिक्के
हैं
चलाने
आपको
Read Full
Abhishek Baba
Download Image
1 Like
ज़ात
शामिल
है
मेरी
तेरी
ज़ात
में
क्यूँ
उलझते
रहे
इन
रिवायात
में
राहते-दिल
को
है
नींद
लाज़िम
मगर
नींद
आती
किसे
है
भला
रात
में
एक
मुद्दत
से
हूँ
नब्ज़
था
में
हुए
मिलने
आओगे
तुम
अबकी
बरसात
में
बात
करने
को
ढेरों
पड़ी
हैं
मगर
बात
होती
नहीं
है
मुलाक़ात
में
Read Full
Abhishek Baba
Download Image
1 Like
खाती
आह-ए-शब
तुम्हारी
और
मुझ
सेे
पूछती
हो
रात
सोने
के
लिए
है
ना
तो
आँखें
लाल
क्यूँँ
हैं
Abhishek Baba
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Khuda Shayari
Eitbaar Shayari
Aasman Shayari
Hindustan Shayari
Maikashi Shayari