ye shayari ye mere seene men dabii hui aag | ये शा'इरी ये मेरे सीने में दबी हुई आग

  - Tehzeeb Hafi
येशा'इरीयेमेरेसीनेमेंदबीहुईआग
भड़कउठेगीकभीमेरीजमाकीहुईआग
मैंछूरहाहूँतेराजिस्मख़्वाबकेअंदर
बुझारहाहूँमैंतस्वीरमेंलगीहुईआग
खिजांमेंदूररखोमाचिसोकोजंगलसे
दिखाईदेतीनहींपेड़मेंछुपीहुईआग
मैंकाटताहूँअभीतकवहीकटेहुएलफ्ज़
मैंतापताहूँअभीतकवहीबुझीहुईआग
यहीदियातुझेपहलीनजरमेंभायाथा
ख़रीदलायामैंतेरीपसंदकीहुईआग
एकउम्रसेजलबूझरहाहूँइनकेसबब
तेराबचाहुआपानीतेरीबचीहुईआग
  - Tehzeeb Hafi
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