shor karunga aur na kuchh bhi boloonunga | शोर करूँँगा और न कुछ भी बोलूँगा

  - Tehzeeb Hafi
शोरकरूँँगाऔरकुछभीबोलूँगा
ख़ामोशीसेअपनारोनारोलूँगा
सारीउम्रइसीख़्वाहिशमेंगुज़रीहै
दस्तकहोगीऔरदरवाज़ाखोलूँगा
तन्हाईमेंख़ुदसेबातेंकरनीहैं
मेरेमुँहमेंजोआएगाबोलूँगा
रातबहुतहैतुमचाहोतोसोजाओ
मेराक्याहैमैंदिनमेंभीसोलूँगा
तुमकोदिलकीबातबतानीहैलेकिन
आँखेंबंदकरोतोमुट्ठीखोलूँगा
  - Tehzeeb Hafi
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