mausamon ke taghayyur ko bhaanpa nahin chhatriyaan khol deen | मौसमों के तग़य्युर को भाँपा नहीं छतरियाँ खोल दीं

  - Tehzeeb Hafi
मौसमोंकेतग़य्युरकोभाँपानहींछतरियाँखोलदीं
ज़ख़्मभरनेसेपहलेकिसीनेमिरीपट्टियाँखोलदीं
हममछेरोंसेपूछोसमुंदरनहींहैयेइफ़रीतहै
तुमनेक्यासोचकरसाहिलोंसेबँधीकश्तियाँखोलदीं
उसनेवा'दोंकेपर्बतसेलटकेहुओंकोसहारादिया
उसकीआवाज़परकोह-पैमाओंनेरस्सियाँखोलदीं
दश्त-ए-ग़ुर्बतमेंमैंऔरमिरायार-ए-शब-ज़ादबाहममिले
यारकेपासजोकुछभीथायारनेगठरियाँखोलदीं
कुछबरसतोतिरीयादकीरेलदिलसेगुज़रतीरही
औरफिरमैंनेथकहारकेएकदिनपटरियाँखोलदीं
उसनेसहराओंकीसैरकरतेहुएइकशजरकेतले
अपनीआँखोंसेऐनकउतारीकिदोहिरनियाँखोलदीं
आजहमकरचुकेअहद-ए-तर्क-ए-सुख़नपररक़मदस्तख़त
आजहमनेनएशाइ'रोंकेलिएभर्तियाँखोलदीं
  - Tehzeeb Hafi
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