so rahenge ki jaagte rahenge | सो रहेंगे कि जागते रहेंगे

  - Tahzeeb Hafi
सोरहेंगेकिजागतेरहेंगे
हमतिरेख़्वाबदेखतेरहेंगे
तूकहींऔरढूँढतारहेगा
हमकहींऔरहीखिलेरहेंगे
राहगीरोंनेरहबदलनीहै
पेड़अपनीजगहखड़ेरहेहैं
बर्फ़पिघलेगीऔरपहाड़ोंमें
सालहा-सालरास्तेरहेंगे
सभीमौसमहैंदस्तरसमेंतिरी
तूनेचाहातोहमहरेरहेंगे
लौटनाकबहैतूनेपरतुझको
आदतनहीपुकारतेरहेंगे
तुझकोपानेमेंमसअलायेहै
तुझकोखोनेकेवसवसेरहेंगे
तूइधरदेखमुझसेबातेंकर
यारचश्मेंतोफूटतेरहेंगे
  - Tahzeeb Hafi
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