sukoon-e-dil men vo ban ke jab intishaar utara to main ne dekhana dekhta par lahu men vo baar baar utara to main ne dekha | सुकून-ए-दिल में वो बन के जब इंतिशार उतरा तो मैं ने देखा

  - Tahir Faraz
सुकून-ए-दिलमेंवोबनकेजबइंतिशारउतरातोमैंनेदेखा
देखतापरलहूमेंवोबारबारउतरातोमैंनेदेखा
आँसुओंहीमेंवोचमकथीदिलकीधड़कनमेंवोकसकथी
सहरकेहोतेहीनश्शा-ए-हिज्र-ए-यारउतरातोमैंनेदेखा
उदासआँखोंसेतकरहाथामुझेवोछूटाहुआकिनारा
शिकस्ताकश्तीसेजबमैंदरियाकेपारउतरातोमैंनेदेखा
जोबर्फ़आँखोंमेंजमचुकीथीवोधीरेधीरेपिघलरहीथी
जबआइनेमेंवोमेराआईना-दारउतरातोमैंनेदेखा
थेजितनेवहम-ओ-गुमानवोसबनईहक़ीक़तमेंढलचुकेथे
इकआदमीपरकलाम-ए-परवरदिगारउतरातोमैंनेदेखा
जानेकबसेसिसकरहाथाक़रीबआतेझिजकरहाथा
मकाँकीदहलीज़सेवोजबअश्क-बारउतरातोमैंनेदेखा
ख़याल-ए-जानाँतिरीबदौलत'फ़राज़'हैकितनाख़ूब-सूरत
दिमाग़-ओ-दिलसेहक़ीक़तोंकाग़ुबारउतरातोमैंनेदेखा
  - Tahir Faraz
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