dard KHaamosh raha tootti awaaz rahi | दर्द ख़ामोश रहा टूटती आवाज़ रही

  - Tahir Faraz
दर्दख़ामोशरहाटूटतीआवाज़रही
मेरीहरशामतिरीयादकीहमराज़रही
शहरमेंजबभीचलेठंडीहवाकेझोंके
तपतेसहराकीतबीअ'तबड़ीना-साज़रही
आइनेटूटगएअक्सकीसच्चाईपर
औरसच्चाईहमेशाकीतरहराज़रही
इकनएमोड़पेउसनेभीमुझेछोड़दिया
जिसकीआवाज़मेंशामिलमिरीआवाज़रही
सुनतारहताहूँबुज़ुर्गोंसेमैंअक्सर'ताहिर'
वोसमाअ'तहीरहीऔरवोआवाज़रही
  - Tahir Faraz
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