ajeeb ham hain sabab ke baghair chahte hain | अजीब हम हैं सबब के बग़ैर चाहते हैं

  - Tahir Faraz
अजीबहमहैंसबबकेबग़ैरचाहतेहैं
तुम्हेंतुम्हारीतलबकेबग़ैरचाहतेहैं
फ़क़ीरवोहैंजोअल्लाहतेरेबंदोंको
हरइम्तियाज़-ए-नसबकेबग़ैरचाहतेहैं
मज़ातोयेहैउन्हेंभीनवाज़ताहैरब
जोइसजहानकोरबकेबग़ैरचाहतेहैं
नहींहैखेलकोईउनसेगुफ़्तुगूकरना
सुख़नवोजुम्बिश-ए-लबकेबग़ैरचाहतेहैं
ठठुरतीरातमेंचादरभीजिनकेपासनहीं
वोदिननिकालनाशबकेबग़ैरचाहतेहैं
जमीहैगर्दसियासतकीजिनकेज़ेहनोंपर
मुशाएराभीअदबकेबग़ैरचाहतेहैं
हैए'तिमादउन्हेंख़ुदपरग़ुरूरकीहदतक
अकेलेजीनाजोसबकेबग़ैरचाहतेहैं
  - Tahir Faraz
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