husn-e-shi'aar men mujhe dhalne nahin diyaus ne kisi bhi gaam sambhalne nahin diya | हुस्न-ए-शिआ'र में मुझे ढलने नहीं दिया

  - Tahir Adeem
हुस्न-ए-शिआ'रमेंमुझेढलनेनहींदिया
उसनेकिसीभीगामसँभलनेनहींदिया
हाइलरह-ए-हयातमेंहस्सासीयतरही
इसदिलनेदोक़दममुझेचलनेनहींदिया
रक्खाब-सदख़ुलूसरग-ओ-पैमेंमुस्तक़िल
लम्हाकोईभीदर्दकाटलनेनहींदिया
कुछवोभीचाहताथायहाँमुस्तक़िलक़याम
मैंनेभीउसकोदिलसेनिकलनेनहींदिया
महफ़िलकोजोदियातिरेअंदाज़-ए-दादने
ऐसामज़ातोमेरीग़ज़लनेनहींदिया
इकबारए'तिराफ़-ए-मोहब्बतपेउम्रभर
हमनेउसेबयानबदलनेनहींदिया
दरियाहज़ारदिलमेंबिफरतेरहेमगर
आँखोंमेंकोईअश्कमचलनेनहींदिया
'ताहिर-अदीम'अपनादियाक्याजलाएगा
जिसनेमिराचराग़भीजलनेनहींदिया
  - Tahir Adeem
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