ik umr hui aur main apne se juda hooñ | इक उम्र हुई और मैं अपने से जुदा हूँ

  - Tabish Siddiqui
इकउम्रहुईऔरमैंअपनेसेजुदाहूँ
ख़ुशबूकीतरहख़ुदकोसदाढूँडरहाहूँ
हरलम्हातिरीयादकेसाएमेंकटाहै
थकथककेहरइकगामपेजबबैठगयाहूँ
तूलाखजुदामुझसेरहेपासहैमेरे
तूगुम्बद-ए-हस्तीहैतोमैंइसकीसदाहूँ
हरसाँसतिरीबाद-ए-सहरकाकोईझोंका
मैंफूलनहींऔरतिरेरस्तेमेंखिलाहूँ
तस्वीरकीहरनोकपलकहैमिरेख़ूँसे
इकरंगहूँमैंऔरतिरेख़्वाबोंमेंघुलाहूँ
हरसाँसचलीआतीहैजाँहाथमेंलेकर
मैंसोचताहूँमैंभीकोईकोह-ए-निदाहूँ
ज़िंदाहूँकिमरनामिरीक़िस्मतमेंलिखाहै
हररोज़गुनाहोंकीसज़ाकाटरहाहूँ
इकआलम-ए-तन्हाईहैकुछदेखाहुआसा
शायदकिमैंअपनेहीबयाबाँमेंखड़ाहूँ
येहालमिरामेरीमोहब्बतकासिलाहै
जोअपनेहीदामनसेबुझाहोवोदियाहूँ
तूचाँदहैमैंचाँदकाअंजाम-ए-सफ़रहूँ
आँखोंमेंतिरीदूरकहींडूबगयाहूँ
रुस्वाहूँमगरख़ुदसेछुपाफिरताहूँ'ताबिश'
अपनेसेनिहाँसारेज़मानेपेखुलाहूँ
  - Tabish Siddiqui
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