bala se martabe unche na rakhna | बला से मर्तबे ऊँचे न रखना

  - Tabish Mehdi
बलासेमर्तबेऊँचेरखना
किसीदरबारसेरिश्तेरखना
जवानोंकोजोदरस-ए-बुज़दिलीदें
कभीहोंटोंपेवोक़िस्सेरखना
अगरफूलोंकीख़्वाहिशहैतोसुनलो
किसीकीराहमेंकाँटेरखना
कभीतुमसाइलोंसेतंगकर
घरोंकेबंददरवाज़ेरखना
पड़ोसीकेमकाँमेंछतनहींहै
मकाँअपनेबहुतऊँचेरखना
नहींहैघरमेंमालज़रतोक्याग़म
विरासतमेंमगरक़र्ज़ेरखना
रईस-ए-शहरकोमैंजानताहूँ
कोईउम्मीदतुमउससेरखना
बहुतबे-रहमहै'ताबिश'येदुनिया
त'अल्लुक़इससेतुमगहरेरखना
  - Tabish Mehdi
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