dast-e-tanhaai baadal hawa aur main | दश्त-ए-तन्हाई बादल हवा और मैं

  - Tabish Mehdi
दश्त-ए-तन्हाईबादलहवाऔरमैं
रोज़शबकायहीसिलसिलाऔरमैं
अजनबीरास्तोंपरभटकतेरहे
आरज़ूओंकाइकक़ाफ़िलाऔरमैं
दोनोंउनकीतवज्जोहकेहक़दारहैं
मुझपेगुज़राथाजोसानेहाऔरमैं
सैकड़ोंग़ममिरेसाथचलतेरहे
जिसकोछोड़ाउसीनेकहाऔरमैं
रौशनीआगहीऔरज़िंदा-दिली
इनहरीफ़ोंसेथावास्ताऔरमैं
देरतकमिलकेरोतेरहेराहमें
उनसेबढ़ताहुआफ़ासलाऔरमैं
जबभीसोचातोबससोचतारहगया
ज़िंदगानीतिरामरहलाऔरमैं
तंज़दुश्नामलानतअदावतहसद
इनरफ़ीक़ोंकासायारहाऔरमैं
  - Tabish Mehdi
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