nafs ki zad pe har ik shola-e-tamanna hai | नफ़स की ज़द पे हर इक शोला-ए-तमन्ना है

  - Tabish Dehlvi
नफ़सकीज़दपेहरइकशोला-ए-तमन्नाहै
हवाकेसामनेकिसकाचराग़जलताहै
तिराविसालतोकिसकोनसीबहैलेकिन
तिरेफ़िराक़काआलमभीकिसनेदेखाहै
अभीहैंक़ुर्बकेकुछऔरमरहलेबाक़ी
कितुझकोपाकेहमेंफिरतिरीतमन्नाहै
  - Tabish Dehlvi
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