thug raha attaar ban kar kyuuñ vo saare shahar ko | ठग रहा अत्तार बन कर क्यूँ वो सारे शहर को

  - Dr Bhagyashree Joshi
ठगरहाअत्तारबनकरक्यूँवोसारेशहरको
नामदेकरइत्रकावोबेचताहैज़हरको
तोड़नाज़ुकफूलवोलाताहैहरदिनबाग़से
फिरमसलताहैउन्हेंवोसुब्हशबदोपहरको
देखकरयेसबजानेसोरहाहैक्यूँख़ुदा
ज़लज़लालेअभीयारोकतोइसक़हरको
लिखरहेहैंहमसभीअशआ'रजोयूँँबैठकर
क्याकभीअशआ'रयेबदलेंगेभीइसदहरको
  - Dr Bhagyashree Joshi
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