ishq men ghairat-e-jazbaat ne rone na diya | इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया

  - Sudarshan Fakir
इश्क़मेंग़ैरत-ए-जज़्बातनेरोनेदिया
वर्नाक्याबातथीकिसबातनेरोनेदिया
आपकहतेथेकिरोनेसेबदलेंगेनसीब
उम्रभरआपकीइसबातनेरोनेदिया
रोनेवालोंसेकहोउनकाभीरोनारोलें
जिनकोमजबूरी-ए-हालातनेरोनेदिया
तुझसेमिलकरहमेंरोनाथाबहुतरोनाथा
तंगी-ए-वक़्त-ए-मुलाक़ातनेरोनेदिया
एकदोरोज़कासदमाहोतोरोलें'फ़ाकिर'
हमकोहररोज़केसदमातनेरोनेदिया
  - Sudarshan Fakir
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