hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Subhan Asad
hamne neendon se bhi gurez kiya
hamne neendon se bhi gurez kiya | हमने नींदों से भी गुरेज किया
- Subhan Asad
हमने
नींदों
से
भी
गुरेज
किया
तुम
बड़ा
ख़्वाब
थे
हमारे
लिए
- Subhan Asad
Download Sher Image
गुलाब
ख़्वाब
दवा
ज़हर
जाम
क्या
क्या
है
मैं
आ
गया
हूँ
बता
इंतिज़ाम
क्या
क्या
है
Rahat Indori
Send
Download Image
255 Likes
ऐसा
है
कि
सब
ख़्वाब
मुसलसल
नहीं
होते
जो
आज
तो
होते
हैं
मगर
कल
नहीं
होते
Ahmad Faraz
Send
Download Image
40 Likes
तूने
देखी
है
वो
पेशानी
वो
रुख़्सार
वो
होंठ
ज़िंदगी
जिनके
तसव्वुर
में
लुटा
दी
हमने
तुझपे
उठी
हैं
वो
खोई
हुई
साहिर
आँखें
तुझको
मालूम
है
क्यूँ
उम्र
गंवा
दी
हमने
Read Full
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
58 Likes
कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
Send
Download Image
39 Likes
मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
5 Likes
न
जी
भर
के
देखा
न
कुछ
बात
की
बड़ी
आरज़ू
थी
मुलाक़ात
की
Bashir Badr
Send
Download Image
56 Likes
यही
तलब
है
जो
जीना
सिखाए
जाती
है
तुम्हारे
ख़्वाब
न
देखें
तो
कब
के
मर
जाएँ
Subhan Asad
Send
Download Image
32 Likes
मत
बताना
कि
बिखर
जाएँ
तो
क्या
होता
है
नईं
नस्लों
को
नए
ख़्वाब
सजाने
देना
Ameer Imam
Send
Download Image
76 Likes
ख़मोशी
मेरी
मअनी-ख़ेज़
थी
ऐ
आरज़ू
कितनी
कि
जिस
ने
जैसा
चाहा
वैसा
अफ़्साना
बना
डाला
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
24 Likes
रो
रही
हूँ
कि
तुम
दिख
न
पाए
कहीं
हाए
ये
ख़्वाब
सिंदूर
है
माँग
में
Neeraj Neer
Send
Download Image
21 Likes
Read More
मुझे
भी
बख़्श
दे
लहजे
की
ख़ुशबयानी
सब
तेरे
असर
में
हैं
अल्फ़ाज़
सब,
म'आनी
सब
मेरे
बदन
को
खिलाती
है
फूल
की
मानिंद
कि
उस
निगाह
में
है
धूप,
छाँव,
पानी
सब
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
28 Likes
दो
घड़ी
को
पास
आया
था
कोई
दिल
पे
बरसों
हुक्मरानी
कर
गया
Subhan Asad
Send
Download Image
24 Likes
मैं
एक
ठहरा
हुआ
पुल,
तू
बहता
दरिया
है
तुझे
मिलूँगा
तो
फिर
टूट
कर
मिलूँगा
मैं
Subhan Asad
Send
Download Image
31 Likes
ग़म
से
फ़ुर्सत
नहीं
कि
तुझ
से
कहें
तुझ
को
रग़बत
नहीं
कि
तुझ
से
कहें
हिज्र-पत्थर
गड़ा
है
सीने
में
पर
वो
शिद्दत
नहीं
कि
तुझ
से
कहें
आरज़ू
कसमसाए
फिरती
है
कोई
सूरत
नहीं
कि
तुझ
से
कहें
ख़ामुशी
की
ज़बाँ
समझ
लेना
अपनी
आदत
नहीं
कि
तुझ
से
कहें
दर्द
हद
से
सिवा
तो
है
लेकिन
ऐसी
हालत
नहीं
कि
तुझ
से
कहें
दिल
को
अब
भी
तिरा
जुनूँ
है
'असद'
ऐसी
वहशत
नहीं
कि
तुझ
से
कहें
Read Full
Subhan Asad
Download Image
1 Like
यही
तलब
है
जो
जीना
सिखाए
जाती
है
तुम्हारे
ख़्वाब
न
देखें
तो
कब
के
मर
जाएँ
Subhan Asad
Send
Download Image
32 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Jhooth Shayari
Qabr Shayari
Parinda Shayari
Raqeeb Shayari
Murder Shayari