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Shashank Shekhar Pathak
ke tujhe kahaan mujh par aitbaar hota tha
ke tujhe kahaan mujh par aitbaar hota tha | के तुझे कहाँ मुझ पर ऐतबार होता था?
- Shashank Shekhar Pathak
के
तुझे
कहाँ
मुझ
पर
ऐतबार
होता
था?
दर्द
होता
था
जब
तो
बेश़ुमार
होता
था
उस
दरख़्त
पर
अब
आते
नहीं
परिंदे
भी
जिसकी
छाँव
को
तेरा
इंतज़ार
होता
था
सूइयां
भी
चुभ
जातीं
उँगलियों
में
गर
तेरी
तीर
मेरे
भी
दिल
के
आर-पार
होता
था
क्या
बताऊँ
के
क्या
हासिल
हुआ
मोहब्बत
में?
बारिशों
को
कब
सहराओं
से
प्यार
होता
था?
- Shashank Shekhar Pathak
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तुम्हीं
से
प्यार
मुझको
इसलिए
है
ज़माना
आज़मा
कर
आ
गया
हूँ
Divy Kamaldhwaj
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ये
इश्क़
भी
मुझे
लगता
है
बेटियों
की
तरह
जो
माँगता
है
अमूमन
उसे
नहीं
मिलता
Dipendra Singh 'Raaz'
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मैं
क़िस्सा
मुख़्तसर
कर
के,
ज़रा
नीची
नज़र
कर
के
ये
कहता
हूँ
अभी
तुम
से,
मोहब्बत
हो
गई
तुम
से
Zubair Ali Tabish
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किसे
है
वक़्त
मोहब्बत
में
दर-ब-दर
भटके
मैं
उसके
शहर
गया
था
किसी
ज़रूरत
से
Riyaz Tariq
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इश्क़
का
था
खेल
केवल
दौड़
का
बन
के
बल्लेबाज़
शामिल
हो
गया
Divy Kamaldhwaj
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दिल
में
जो
मोहब्बत
की
रौशनी
नहीं
होती
इतनी
ख़ूब-सूरत
ये
ज़िंदगी
नहीं
होती
Hastimal Hasti
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पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
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सच
बताओ
कि
सच
यही
है
क्या
साँस
लेना
ही
ज़िंदगी
है
क्या
कुछ
नया
काम
कर
नई
लड़की
इश्क़
करना
है
बावली
है
क्या
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Vikram Gaur Vairagi
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नई
नस्लें
समझ
पाएँ
मुहब्बत
के
मआनी
हमें
इस
वास्ते
भी
शा'इरी
करनी
पड़ेगी
Dipendra Singh 'Raaz'
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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मिलने
आ
रहे
हैं
फिर
न
मिलने
की
जो
शर्त
पर
नाम
उनके
ही
ये
ज़िंदगानी
लिख
रहा
हूँ
मैं
Shashank Shekhar Pathak
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तेरे
आने
की
ख़ुशी
है
न
है
फ़ुर्क़त
का
ग़म
ग़म
ये
है
बीत
गए
प्यार
के
सावन
कितने
Shashank Shekhar Pathak
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जान
ले
लो
जान
तुम
मेरी
यक़ीनन
जान
लेना
तो
मिरी
फितरत
नहीं
है
Shashank Shekhar Pathak
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तेरी
अंँगड़ाई
के
आलम
का
ख़याल
आया
जब
ज़ेहन-ए-वीरांँ
में
खनकने
लगे
कंगन
कितने
Shashank Shekhar Pathak
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उसकी
आँखें
झील
समुंदर
से
भी
ज़्यादा
गहरी
थी
डूब
उन्हीं
में
मेरी
कश्ती
पार
हो
जाया
करती
थी
उसकी
थी
हर
बात
निराली
क्या
क्या
तुमको
बतलाऊँ
इक
लड़की
थी
यार
कि
जो
बादल
पे
साया
करती
थी
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Shashank Shekhar Pathak
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