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Shashank Shekhar Pathak
jaan le lo jaan tum mirii yaqeenan
jaan le lo jaan tum mirii yaqeenan | जान ले लो जान तुम मेरी यक़ीनन
- Shashank Shekhar Pathak
जान
ले
लो
जान
तुम
मेरी
यक़ीनन
जान
लेना
तो
मिरी
फितरत
नहीं
है
- Shashank Shekhar Pathak
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चुरायगा
उसी
से
आँख
क़ातिल
ज़रा
सी
जान
जिस
बिस्मिल
में
होगी
Dagh Dehlvi
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कहाँ
तक
साथ
दोगी
तुम
हमारा
सनम
जावेदाँ
है
यह
ग़म
हमारा
Avtar Singh Jasser
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तेरा
पीछा
करते
करते
जाने
क्यूँ
मैं
दुनियादारी
से
पीछे
छूट
गया
तूने
तो
ऐ
जान
महज़
दिल
तोड़ा
था
तू
क्या
जाने
मैं
अंदर
तक
टूट
गया
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Ritesh Rajwada
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इक
और
इश्क़
की
नहीं
फुर्सत
मुझे
सनम
और
हो
भी
अब
अगर
तो
मेरा
मन
नहीं
बचा
Afzal Ali Afzal
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ज़ब्त
का
ऐसे
इम्तिहान
न
ले
ऐ
मेरी
जान
मेरी
जान
न
ले
Khalid Sajjad
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सुनो
हर-वक़्त
इतना
याद
भी
मत
कीजिए
हमको
कहीं
ऐसा
न
हो
की
हिचकियों
में
जाँ
निकल
जाए
Sandeep dabral 'sendy'
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पहले
तो
तुम्हें
जान
पुकारेंगे
यही
लोग
फिर
ख़ुद
ही
तुम्हें
जान
से
मारेंगे
यही
लोग
मुँह
पर
तो
बड़े
फ़ख्र
से
ता'ईद
करेंगे
फिर
पीठ
में
खंज़र
भी
उतारेंगे
यही
लोग
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Ashraf Ali
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ये
तेरे
ख़त
ये
तेरी
ख़ुशबू
ये
तेरे
ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ
हैं
तेरे
कौल
और
क़सम
की
तरह
गुज़िश्ता
साल
मैंने
इन्हें
गिनकर
रक्खा
था
किसी
ग़रीब
की
जोड़ी
हुई
रक़म
की
तरह
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Jaun Elia
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न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
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Amaan Haider
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पहले
लगा
था
हिज्र
में
जाएँगे
जान
से
पर
जी
रहे
हैं
और
भी
हम
इत्मीनान
से
Ankit Maurya
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क्यूँँ
लगाऊँ
जाँ
की
बाज़ी
दिल
के
कारोबार
में?
बिक
रही
है
जब
मोहब्बत
इश्क़
के
बाज़ार
में
हारनी
थी
जंग
मुझको
जीतना
मुझको
न
था
वर्ना
इतना
दम
नहीं
था
उस
सिपहसालार
में
लाख
चाहूँ
मैं
छुपाना
पर
छुपा
पाता
नहीं
ज़िक्र
उसका
आ
ही
जाता
है
मिरे
अश'आर
में
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Shashank Shekhar Pathak
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बड़ी
अच्छी
लगी
आदत
तुम्हारी
बदलना
पर
नहीं
फ़ितरत
हमारी
चलाए
तीर
तुमने
दिल
पे
ऐसे
कि
घाइल
हो
गए
जो
थे
शिकारी
कभी
रोया,
कभी
सोया
नहीं
मैं
सितारे
गिन
कभी
रातें
गुज़ारी
बहुत
एहसान
हैं
मुझ
पर
तुम्हारे
बहुत
जल्दी
चुका
दूँगा
उधारी
नहीं
चलता
कभी
जो
दाव
कोई
वही
है
अस्ल
में
असली
जुआरी
मोहब्बत
थी
तभी
तो
चुप
रहा
मैं
मुझे
आती
नहीं
क्या
होशियारी
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Shashank Shekhar Pathak
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था
इक
शख़्स
वो
जो
कि
क़ातिल
था
मेरा
मिरे
दर्द-ए-दिल
की
शिफ़ा
जानता
था
Shashank Shekhar Pathak
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दिल
की
ख़ातिर
एक
रिश्ते
को
बचाने
के
लिए
आग
मैंने
ही
लगा
ली
ख़ुद
मिरे
घरबार
में
Shashank Shekhar Pathak
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मिलने
आए
या
न
आए
मेरे
ख़्वाबों
में
तू
तेरे
तसव्वुर
को
मैं
ख़्वाब
बना
लेता
हूँ
तेरे
जाने
का
ग़म
तो
है
मगर
इतना
नहीं
तेरी
तस्वीर
से
अब
काम
चला
लेता
हूँ
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Shashank Shekhar Pathak
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