hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sristi Singh
sabhi saudaagaron ke KHvaab hote hain
sabhi saudaagaron ke KHvaab hote hain | सभी सौदागरों के ख़्वाब होते हैं
- Sristi Singh
सभी
सौदागरों
के
ख़्वाब
होते
हैं
हो
दुख
मेरे
तराज़ू
पे
तो
अच्छा
है
- Sristi Singh
Download Sher Image
मेरी
आँखों
को
इक
चेहरा
ज़रूरी
है
भटकते
प्यासे
को
दरिया
ज़रूरी
है
अभी
इस
दर्द
की
लौ
को
छुपाना
है
अभी
दिल
पर
कोई
पर्दा
ज़रूरी
है
तिरी
ख़ातिर
नई
दुनिया
बुरी
होगी
मिरी
ख़ातिर
नई
दुनिया
ज़रूरी
है
अदाकारी
ज़रूरी
है
मगर
फिर
भी
भिखारी
में
हुनर
होना
ज़रूरी
है
तुझे
सृष्टि
शग़फ़
है
बेवफ़ाओं
से
वफ़ादारो
से
याराना
ज़रूरी
है
Read Full
Sristi Singh
Download Image
0 Likes
याद
आती
है
तेरी
रुस्वाई
मौसमों
की
हसीन
पुरवाई
उन
दिनों
मुझ
में
तुम
फ़क़त
तुम
थे
आज
मुझ
में
है
बस
ये
तन्हाई
Read Full
Sristi Singh
Send
Download Image
0 Likes
टूट
जाएँ
अगर
ये
खिलौने
अभी
रो
पड़ेंगे
ज़मीं
के
फ़रिश्ते
अभी
देखते
हो
तो
क्या
देखते
हो
भला
थक
गए
राह
घर
ये
दरीचे
अभी
लाख
ग़म
को
सँभालू
सँभलते
नहीं
दस्तरस
में
नहीं
हैं
उजाले
अभी
Read Full
Sristi Singh
Download Image
2 Likes
मुझको
हर
ख़ौफ़
से
रिहा
कर
दो
या
तो
फिर
शाख़
से
हरा
कर
दो
रोज़
उसकी
ही
याद
आती
है
कुछ
नया
तुम
ही
हादसा
कर
दो
ज़ख़्म
सबके
ख़रीद
लूँगी
मैं
गर
उसे
मेरा
हमनवा
कर
दो
ऐसे
क़ातिल
को
क्या
कहेंगे
हम
जाने
दो
उसको
तुम
रिहा
कर
दो
गाहे
गाहे
मैं
मुस्कुराती
हूँ
मुझको
हर
पल
का
ग़म-ज़दा
कर
दो
Read Full
Sristi Singh
Download Image
1 Like
जब
मुसलसल
दुखों
का
समुंदर
बहे
ग़ैर
को
दुख
बताना
तभी
चाहिए
Sristi Singh
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Sabr Shayari
Gareebi Shayari
Justice Shayari
Khushboo Shayari
Aankhein Shayari