koii kamii pasand thii ik umr tak mujhe | कोई कमी पसंद थी इक उम्र तक मुझे

  - Srishti Alok
कोईकमीपसंदथीइकउम्रतकमुझे
बे-दिल्लगीपसंदथीइकउम्रतकमुझे
कैसेकिसीकेइश्क़मेंयूँँमुब्तिलाहूँआज
बे-चेहरगीपसंदथीइकउम्रतकमुझे
उसतेज़-रौकेसाथनिभाताहूँकिसतरह
आहिस्तगीपसंदथीइकउम्रतकमुझे
घरयादरहाहैतोक्यालौटजाऊँअब
आवारगीपसंदथीइकउम्रतकमुझे
अबमौतहैपसंदमगरसचयेजानिए
येज़िन्दगीपसंदथीइकउम्रतकमुझे
  - Srishti Alok
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy