जंगमेंकामअलम-दारनहींआसकते
फिरभीइनहाथोंमेंहथियारनहींआसकते
कमज़मीनोंपेचलाहूँमैंफ़क़ीरोंकीतरह
मेरेरस्तोंपेज़मीं-दारनहींआसकते
आपकेआनेकीख़बरोंपेयक़ींकैसेकरूँँ
सुब्हकोगाँवमेंअख़बारनहींआसकते
बसयेपैग़ामहैतज़ईन-ए-दर-ओ-बाम-ए-हरम
ग़ैर-मज़हबकेपरस्तारनहींआसकते
बनकेमारीचपुकारोहोमगररामक़सम
ऐसेधोकेमेंसमझदारनहींआसकते
मैंज़रूरतमेंअकेलाथालिहाज़ा'आलोक'
मुझकोपानेमिरेहक़दारनहींआसकते