qatl-o-gharat ke sabhi aib chhupa saka hai | क़त्ल-ओ-ग़ारत के सभी ऐब छुपा सकता है

  - Raza Badnervi
क़त्ल-ओ-ग़ारतकेसभीऐबछुपासकताहै
मेरामुंसिफ़मेरेक़ातिलकोबचासकताहै
इतनीताकतहैज़रमालमेंदेखोलोगों
पारसाशख़्सकोबदकारबनासकताहै
चलोमानाउसेमुझसेेनहींरग़बतलेकिन
वोमेरेशहरसहोकरभीतोजासकताहै
ऐसीवैसीयूँँतदबीरबताहमकोतबीब
येबताटूटेहुएदिलकोजुड़ासकताहै
आशनाअपनीहक़ीक़तसेअगरतूहोजाए
येसमुंदरतेरेकूज़ेमेंसमासकताहै
  - Raza Badnervi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy