zindagi bhar ek lamhe ka asar chaltaa raha | ज़िंदगी भर एक लम्हे का असर चलता रहा

  - sourabh meena
ज़िंदगीभरएकलम्हेकाअसरचलतारहा
मैंवहींपररुकगयाथाऔरसफ़रचलतारहा
धड़कनेंतोरुकगईथींमैंमगरचलतारहा
ज़िंदगीजीनेकानाटकउम्रभरचलतारहा
ख़्वाबतोड़ेनींदनेयानींदतोड़ीख़्वाबने
सोचताहूँकौनकिसकोतोड़करचलतारहा
आँसुओंकोक़ैदरक्खाग़मसुख़नमेंबाँधकर
ग़मनएमिलतेरहेऔरयेहुनरचलतारहा
ख़त्महोजाएगीदुनियाख़ुदातूदेखना
नामपरमज़हबकेयेझगड़ाअगरचलतारहा
  - sourabh meena
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