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Sohil Barelvi
pahli baar hi khaatir-daari hoti hai
pahli baar hi khaatir-daari hoti hai | पहली बार ही ख़ातिर-दारी होती है
- Sohil Barelvi
पहली
बार
ही
ख़ातिर-दारी
होती
है
फिर
मेहमान
कोई
मेहमान
नहीं
रहता
- Sohil Barelvi
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पहले
थोड़ी
मुश्किल
होगी
आगे
लेकिन
मंज़िल
होगी
सब
बाराती
शायर
होंगे
मेरी
शादी
महफ़िल
होगी
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Tanoj Dadhich
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ये
गूँगों
की
महफ़िल
है
निकलना
ही
पड़ेगा
क्या
इतनी
ख़ता
कम
है
कि
हम
बोल
पड़े
हैं
Waseem Barelvi
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तुम्हें
हम
भी
सताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
तुम्हारा
दिल
दुखाने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
हमें
बदनाम
करते
फिर
रहे
हो
अपनी
महफ़िल
में
अगर
हम
सच
बताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
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Santosh S Singh
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ख़ुशबू
से
किस
ज़बान
में
बातें
करेंगे
लोग
महफ़िल
में
ये
सवाल
तुझे
देख
कर
हुआ
Mansoor Usmani
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शुमार
अपना
भी
हो
जाए
अदब
के
नाम
चीनों
में
ख़ुदा
कुछ
शे'र
कहला
दे
अगर
मुश्किल
ज़मीनों
में
मैं
फ़न्न-ए-शा'इरी
पर
इसलिए
क़ुर्बान
हूँ
रहबर
नहीं
मिलता
ये
गौहर
बादशाहों
के
ख़ज़ीनों
में
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Moid Rahbar
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फिर
आज
यारों
ने
तुम्हारी
बात
की
फिर
यार
महफ़िल
में
मिरी
खिल्ली
उड़ी
Harsh saxena
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ये
उसकी
मेहरबानी
है
वो
घर
में
ही
सँवरती
है
निकल
आए
जो
महफ़िल
में
तो
क़त्ल-ए-आम
हो
जाए
Ashraf Jahangeer
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दर्द
की
बात
किसी
हँसती
हुई
महफ़िल
में
जैसे
कह
दे
किसी
तुर्बत
पे
लतीफ़ा
कोई
Ahmad Rahi
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पहले-पहल
तो
लड़
लिए
अल्लाह
से
मगर
अब
पेश
आ
रहे
हैं
बड़ी
आजिज़ी
से
हम
Amaan Pathan
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गर
अदीबों
को
अना
का
रोग
लग
जाए
तो
फिर
गुल
मोहब्बत
के
अदब
की
शाख़
पर
खिलते
नहीं
Afzal Ali Afzal
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तन्हाइयों
ने
मुझ
को
बिगाड़ा
है
इस
क़दर
कुछ
एक
रोग
तो
मेरी
जाँ
के
क़रीब
हैं
Sohil Barelvi
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मौत
आने
के
बाद
समझेंगे
लोग
सारे
फ़साद
समझेंगे
आसमाँ
की
तरफ़
हैं
हाथ
मिरे
कैसे
पत्थर
मुराद
समझेंगे
आँख
में
जब
तलक
न
ख़ूँ
आए
तब
तलक
लोग
शाद
समझेंगे
साथ
रह
कर
नया
नहीं
!
केवल
आप
मेरा
निहाद
समझेंगे
आप
की
चोट
ख़ुद
पे
ले
लें
हम
आप
फिर
भी
इनाद
समझेंगे
आप
कितना
मुझे
समझ
पाए
मेरे
जाने
के
बाद
समझेंगे
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Sohil Barelvi
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ये
मुसीबत
भी
टली
आज
तो
मेरे
सर
से
अब
मुसीबत
में
कोई
याद
नहीं
आएगा
Sohil Barelvi
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इतना
न
मय-कशी
का
किसी
पर
ख़ुमार
हो
अपना
ही
दर
लगे
मियाँ
दोज़ख
का
द्वार
हो
इतने
तरस
गए
हैं
मोहब्बत
को
हम
हबीब
जिस
शख़्स
से
मिला
दो
हमें
उस
से
प्यार
हो
उस
शख़्स
के
ख़ुशी
से
मरासिम
बजा
नहीं
जिस
पर
ग़म-ए-जहान
का
दार-ओ-मदार
हो
चारागरी
भी
देखिए
नाकाम
हो
गई
अब
तो
ख़बर
करो
हमें
दीदार-ए-यार
हो
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Sohil Barelvi
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तेरी
आँखें
बता
रही
हैं
कि
मैं
तेरे
दिल
से
नहीं
निकल
पाया
Sohil Barelvi
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