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Sohil Barelvi
naakaam ishq par sabhi maatam manaa rahe
naakaam ishq par sabhi maatam manaa rahe | नाकाम इश्क़ पर सभी मातम मना रहे
- Sohil Barelvi
नाकाम
इश्क़
पर
सभी
मातम
मना
रहे
हम
ने
ख़राब-हालों
में
जम-कर
शराब
पी
- Sohil Barelvi
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सूख
जाता
जल्द
है
फिर
भी
निशानी
के
लिए
फूल
इक
छुप
के
किताबों
में
छिपाना
इश्क़
है
Parul Singh "Noor"
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अदब
वाले
अदब
की
महफ़िलें
पहचान
लेते
हैं
उन्हें
तुम
प्यार
से
कुछ
भी
कहो
वो
मान
लेते
हैं
जहाँ
तक
देख
सकते
हैं
वहाँ
तक
सुन
नहीं
सकते
मगर
जब
इश्क़
हो
जाए
तो
धड़कन
जान
लेते
हैं
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Hameed Sarwar Bahraichi
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मुझ
में
थोड़ी
सी
जगह
भी
नहीं
नफ़रत
के
लिए
मैं
तो
हर
वक़्त
मोहब्बत
से
भरा
रहता
हूँ
Mirza Athar Zia
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रोज़
मिलने
पे
भी
लगता
था
कि
जुग
बीत
गए
इश्क़
में
वक़्त
का
एहसास
नहीं
रहता
है
Ahmad Mushtaq
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इश्क़
में
ये
दावा
तो
नईं
है
मैं
ही
अव्वल
आऊँगा
लेकिन
इतना
कह
सकता
हूँ
अच्छे
नंबर
लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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मेरा
किरदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
ये
समझदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
इश्क़
है
वादा-फ़रामोश
नहीं
है
कोई
दिल
तलबगार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
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Vishal Singh Tabish
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गर
अदीबों
को
अना
का
रोग
लग
जाए
तो
फिर
गुल
मोहब्बत
के
अदब
की
शाख़
पर
खिलते
नहीं
Afzal Ali Afzal
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हाए
वो
इश्क़
छुपाने
के
ज़माने
'मोहन'
याद
आता
है
ग़लत
नाम
से
नंबर
रखना
Balmohan Pandey
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मुझे
पहले
पहल
लगता
था
ज़ाती
मसअला
है
मैं
फिर
समझा
मोहब्बत
क़ायनाती
मसअला
है
परिंदे
क़ैद
हैं
तुम
चहचहाहट
चाहते
हो
तुम्हें
तो
अच्छा
ख़ासा
नफ़सयाती
मसअला
है
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Umair Najmi
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इश्क़
तिरी
इंतिहा
इश्क़
मिरी
इंतिहा
तू
भी
अभी
ना-तमाम
मैं
भी
अभी
ना-तमाम
Allama Iqbal
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उसी
की
रात
सारी
है
उसी
के
चाँद
तारे
हैं
मेरे
हक़
में
कोई
टूटा
सितारा
हो
नहीं
सकता
Sohil Barelvi
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किसी
इल्हाम
की
सूरत
हुआ
है
मेरा
जो
भी
ख़ुदास
राब्ता
है
मेरा
अर्ज़-ओ-समा
से
राब्ता
है
ये
मुझ
को
छोड़
कर
सब
को
पता
है
मुसीबत
के
पहाड़ों
पर
खड़ा
हूँ
मेरा
क़द
आपके
क़दस
बड़ा
है
हमारे
जिस्म
तक
आओ
हसीनों
मोहब्बत
के
नए
घर
का
पता
है
उदासी
हिज्र
का
दुख
नम
निगाहें
हमें
भी
ज़िंदगी
से
सब
मिला
है
सभी
के
साथ
हँसता
था
जो
लड़का
वो
अब
तन्हाई
में
रोने
लगा
है
सितारा-साज़
पलकें
हैं
हमारी
हज़ारों
ख़्वाहिशों
का
दम
रुका
है
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Sohil Barelvi
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किसी
काम
तेरे
नहीं
आएगी
अब
वगरना
मैं
तुझ
पर
ये
जाँ
वार
देता
Sohil Barelvi
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फेर
लेते
हैं
सब
के
सब
नज़रें
आप
जब
काम
के
नहीं
रहते
Sohil Barelvi
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दिल
में
किसे
है
रखना
कहे
दूसरा
ये
क्यूँ
मुझ
पर
मेरे
मकान
का
दार-ओ-मदार
है
Sohil Barelvi
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