kisi ilhaam ki soorat hua hai | किसी इल्हाम की सूरत हुआ है

  - Sohil Barelvi
किसीइल्हामकीसूरतहुआहै
मेराजोभीख़ुदासराब्ताहै
मेराअर्ज़-ओ-समासेराब्ताहै
येमुझकोछोड़करसबकोपताहै
मुसीबतकेपहाड़ोंपरखड़ाहूँ
मेराक़दआपकेक़दसबड़ाहै
हमारेजिस्मतकआओहसीनों
मोहब्बतकेनएघरकापताहै
उदासीहिज्रकादुखनमनिगाहें
हमेंभीज़िंदगीसेसबमिलाहै
सभीकेसाथहँसताथाजोलड़का
वोअबतन्हाईमेंरोनेलगाहै
सितारा-साज़पलकेंहैंहमारी
हज़ारोंख़्वाहिशोंकादमरुकाहै
  - Sohil Barelvi
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