kyun nahin aa.e ye mire sar men | क्यूँँ नहीं आए ये मेरे सर में

  - Sohil Barelvi
क्यूँँनहींआएयेमेरेसरमें
ज़ख़्मभरतेनहींदिसंबरमें
ग़ौरसेदेखलूटनेवाले
औरकुछतोनहींबचाघरमें
वक़्त-ए-आख़िरलगादियामैंने
ज़ोरजितनाभीथामिरेपरमें
इकतोदुनियाख़िलाफ़हैमेरे
औरतूभीनहींमुक़द्दरमें
क्यापताकबइधरख़िज़ाँआई
मैंतोखोयारहागुल-ए-तरमें
जिस्मबाहरपड़ारहाऔरमैं
डूबकरमरगयासमुंदरमें
तैशमेंगएमियाँ'सोहिल'
औरफिरकुछनहींबचाघरमें
  - Sohil Barelvi
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