kitnii lambi ye zindagaani hai | कितनी लंबी ये ज़िंदगानी है

  - Sohil Barelvi
कितनीलंबीयेज़िंदगानीहै
तुझकोपाकरयेबातजानीहै
जिस्मबे-शकहमाराफ़ानीहै
उम्रहमकोमगरबितानीहै
रोज़भरतीहैकानदुनियाके
एकदीवारमुझकोढानीहै
राज़तूनेअयाँकिएसबपर
तुझसेहरबातअबछुपानीहै
काशमुझपरभीतारीहोजाए
मेरीग़ज़लोंमेंजोरवानीहै
ज़िंदगीसेभीजंगलड़नीहै
मौतकोआँखभीदिखानीहै
येमिरेज़ब्तकाकरिश्माहै
मेरीआँखोंमेंसिर्फ़पानीहै
मैंअभीगर्क़होकेउभराहूँ
मुझसेहरएकशयपुरानीहै
सामनेरखदियाजिगरउसके
मुझपेजिसनेकमानतानीहै
उससेकुछदूरियाँबनालेना
जिसनेबसहारनेकीठानीहै
  - Sohil Barelvi
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