taalluq tod kar us ki gali se | त'अल्लुक़ तोड़ कर उस की गली से

  - Siraj Faisal Khan
त'अल्लुक़तोड़करउसकीगलीसे
कभीमैंजुड़पायाज़िंदगीसे
ख़ुदाकाआदमीकोडरकहाँअब
वोघबराताहैकेवलआदमीसे
मिरीयेतिश्नगीशायदबुझेगी
किसीमेरीहीजैसीतिश्नगीसे
बहुतचुभताहैयेमेरीअनाको
तुम्हाराबातकरनाहरकिसीसे
ख़सारेकोख़सारेसेभरूँगा
निकालूँगाउजालातीरगीसे
तुम्हेंदोस्तोमैंजानताहूँ
सुकूँमिलताहैमेरीबेकलीसे
हवाओंमेंकहाँयेदमथा'फ़ैसल'
दियामेराबुझाहैबुज़दिलीसे
  - Siraj Faisal Khan
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