nazar se door rahe ya nazar ke paas rahe | नज़र से दूर रहे या नज़र के पास रहे

  - Siraj Faisal Khan
नज़रसेदूररहेयानज़रकेपासरहे
हमेशाइश्क़केमौसमबहुतहीख़ासरहे
मैंतेरेज़िक्रकीवादीमेंसैरकरतारहूँ
हमेशालबपेतिरेनामकीमिठासरहे
येइज़्तिराबजुनूँकोबहुतअखरताहै
कितुमक़रीबहोतनपरकोईलिबासरहे
वोरू-ब-रूथेतोआँखोंसेदौरचलनिकले
खुलीबोतलेंख़ालीसभीगिलासरहे
येबातराज़कीदादीनेहमकोबतलाई
हमारीउम्रमेंअब्बाभीदेवदासरहे
मैंकहकशाओंमेंख़ुशियाँतलाशनेनिकला
मिरेसितारेमिराचाँदसबउदासरहे
मैंमुंतज़रहूँकिसीऐसेवस्लकाजिसमें
मिरेबदनपेतिरेजिस्मकालिबासरहे
तिरीहयातसेजुड़जाऊँवाक़िआ'बनकर
तिरीकिताबमेंमेराभीइकतिसाबरहे
  - Siraj Faisal Khan
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