sochta hooñ teraa kya lagta hooñ | सोचता हूँ तेरा क्या लगता हूँ

  - Simar Gozra
सोचताहूँतेराक्यालगताहूँ
दर्दयाफिरमैंदवालगताहूँ
उसनेपूछातोबतादेताना
रिश्तेमेंमैंतेराक्यालगताहूँ
सारीदुनियाहैपरेशाँमुझसेे
क्यामैंतुझकोभीबुरालगताहूँ
अबतोआँखेंभीख़ुदसेमिलती
मैंतोख़ुदसेभीख़फ़ालगताहूँ
क्यूँदिखातेहोयेशीशामुझको
मुँहपेबोलोमैंबुरालगताहूँ
मेरीख़ल्वतभीख़लाहैजोअब
मैंतोख़ुदसेभीजुदालगताहूँ
  - Simar Gozra
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