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Shiv
tum kabhi bhi kaat paayogi nahin jaañ
tum kabhi bhi kaat paayogi nahin jaañ | तुम कभी भी काट पाओगी नहीं जाँ
- Shiv
तुम
कभी
भी
काट
पाओगी
नहीं
जाँ
रात
हमको
ग़ालिबन
दस
काटनी
थी
- Shiv
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अपने
होटों
की
ये
तहरीर
रखो
अपने
पास
हम
वो
'आशिक़
हैं
जो
आँखों
को
पढ़ा
करते
हैं
Meem Alif Shaz
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ज़ब्त
का
ऐसे
इम्तिहान
न
ले
ऐ
मेरी
जान
मेरी
जान
न
ले
Khalid Sajjad
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पहले
लगा
था
हिज्र
में
जाएँगे
जान
से
पर
जी
रहे
हैं
और
भी
हम
इत्मीनान
से
Ankit Maurya
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अभी
तो
जान
कहता
फिर
रहा
है
तू
तुझे
हम
हिज्र
वाले
साल
पूछेंगे
Parul Singh "Noor"
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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कहाँ
तक
साथ
दोगी
तुम
हमारा
सनम
जावेदाँ
है
यह
ग़म
हमारा
Avtar Singh Jasser
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अजीब
हालत
है
जिस्म-ओ-जाँ
की
हज़ार
पहलू
बदल
रहा
हूँ
वो
मेरे
अंदर
उतर
गया
है
मैं
ख़ुद
से
बाहर
निकल
रहा
हूँ
Azm Shakri
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चाहे
हो
आसमान
पे
चाहे
ज़मीं
पे
हो
वहशत
का
रक़्स
हम
ही
करेंगे
कहीं
पे
हो
दिल
पर
तुम्हारे
नाम
की
तख़्ती
लगी
न
थी
फिर
भी
ज़माना
जान
गया
तुम
यहीं
पे
हो
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Nirmal Nadeem
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रहते
थे
कभी
जिन
के
दिल
में
हम
जान
से
भी
प्यारों
की
तरह
बैठे
हैं
उन्हीं
के
कूचे
में
हम
आज
गुनहगारों
की
तरह
Majrooh Sultanpuri
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वरना
तो
बेवफ़ाई
किसे
कब
मुआ'फ़
है
तू
मेरी
जान
है
सो
तुझे
सब
मुआ'फ़
है
क्यूँ
पूछती
हो
मैंने
तुम्हें
माफ़
कर
दिया
ख़ामोश
हो
गया
हूँ
मैं
मतलब
मुआ'फ़
है
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Vikram Gaur Vairagi
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सबको
लगता
है
वो
शिव
के
साथ
है
झूठ
लगता
है
नहीं
है
साथ
वो
Shiv
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जो
फूल
तुम
ने
कान
पर
रक्खे
नहीं
वो
जी
रहे
हैं
बे-रुख़ी
से
काट
कर
Shiv
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ये
साल
भी
काटा
तिरी
उम्मीद
पर
उम्मीद
पर
तू
फिर
खरा
उतरा
नहीं
Shiv
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इक
जलपरी
को
जाल
फेंके
थे
सभी
फँसते
गए
हम
सब
मियाँ
उस
जाल
में
Shiv
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एक
दिन
मैंने
लकीरों
को
बदल
देना
है
जानाँ
ये
लकीरें
साथ
मेरा
देती
दिखती
न
कहीं
से
Shiv
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