saath ab mere kya nahin hota | साथ अब मेरे क्या नहीं होता

  - Shivang Tiwari
साथअबमेरेक्यानहींहोता
जिस्मबसयेफ़नानहींहोता
रातकोउठकेबैठजातेहैं
दर्ददिलसेजुदानहींहोता
क्यागुज़रतीहैजानपरमेरी
येकिसीकोपतानहींहोता
जिसकाहोनाथाहोगयाहूँमैं
इश्क़हरमर्तबानहींहोता
हाएहालातबनगएऐसे
यूँँकोईबे-वफ़ानहींहोता
एकमुद्दतकेबादआएहो
कोईइतनाख़फ़ानहींहोता
कबकेदरियामेंखोगएहोते
साथजोनाखु़दानहींहोता
तुमहोतेक़रीबगरमेरे
मोज़िजायेख़ुदानहींहोता
  - Shivang Tiwari
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