kar sake ham davaa phir na haalaat ki | कर सके हम दवा फिर न हालात की

  - Shivang Tiwari
करसकेहमदवाफिरहालातकी
गईजबहमेंयादउसरातकी
धुलगएदाग़सबआँसुओंमेंमेरे
इसक़दरआँखनेतेरीबरसातकी
बादबरसोंतुझेदेखकरयूँँलगा
गईहैघड़ीफिरमुलाक़ातकी
किसअदासलियानामतूनेमेरा
चलपड़ीआँधियाँआजजज़्बातकी
बे-वफ़ातूनहींबे-वफ़ामैंनहीं
वक़्तनेसाथअपनेकरामातकी
शा'इरीमेंग़ज़लमेंतुझेढालकर
ज़िन्दगीनेनईइकशुरूआतकी
  - Shivang Tiwari
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