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Shivam Prajapati
aapki jab humeen pe nemat thii
aapki jab humeen pe nemat thii | आपकी जब हमीं पे नेमत थी
- Shivam Prajapati
आपकी
जब
हमीं
पे
नेमत
थी
ज़िंदगी
कितनी
ख़ूब-सूरत
थी
आपने
भी
नसीहतें
ही
दी
पर
हमें
साथ
की
ज़रूरत
थी
तुम
जिसे
दास्ताँ
समझते
हो
दोस्तों
वो
मिरी
हक़ीक़त
थी
- Shivam Prajapati
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मौत
के
साथ
हुई
है
मिरी
शादी
सो
'ज़फ़र'
उम्र
के
आख़िरी
लम्हात
में
दूल्हा
हुआ
मैं
Zafar Iqbal
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जाँ
हम
दोनों
साथ
में
अच्छे
लगते
हैं
देखो
शे'र
मुकम्मल
अच्छा
लगता
है
Neeraj Neer
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बदले
मौसम
हालात
यहाँ
है
ख़ुशियों
की
बारात
यहाँ
होली
खेलेंगे
हम
भी
पर
खेलेंगे
तेरे
साथ
यहाँ
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Kaviraj " Madhukar"
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हवा
चली
तो
उसकी
शॉल
मेरी
छत
पे
आ
गिरी
ये
उस
बदन
के
साथ
मेरा
पहला
राब्ता
हुआ
Zia Mazkoor
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कितनी
मुश्किल
के
बाद
टूटा
है
एक
रिश्ता
कभी
जो
था
ही
नहीं
Shahbaz Rizvi
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अब
मज़ीद
उस
सेे
ये
रिश्ता
नहीं
रक्खा
जाता
जिस
सेे
इक
शख़्स
का
पर्दा
नहीं
रक्खा
जाता
पढ़ने
जाता
हूँ
तो
तस्में
नहीं
बाँधे
जाते
घर
पलटता
हूँ
तो
बस्ता
नहीं
रक्खा
जाता
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Tehzeeb Hafi
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दिवाली
भी
दिवाली
अब
नहीं
है
तुम्हारे
साथ
हर
दिन
थी
दिवाली
Tanoj Dadhich
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बात
करते
हुए
बे-ख़याली
में
ज़ुल्फ़ें
खुली
छोड़
दी
हम
निहत्थों
पे
उसने
ये
कैसी
बलाएँ
खुली
छोड़
दी
साथ
जब
तक
रहे
एक
लम्हे
को
भी
रब्त
टूटा
नहीं
उसने
आँखें
अगर
बंद
कर
ली
तो
बाँहें
खुले
छोड़
दी
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Khurram Afaq
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मैं
जंगलों
की
तरफ़
चल
पड़ा
हूँ
छोड़
के
घर
ये
क्या
कि
घर
की
उदासी
भी
साथ
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
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हमेशा
साथ
सबके
तो
ख़ुदा
भी
रह
नहीं
सकता
बनाकर
औरतें
उसने
ज़मीं
को
यूँँ
किया
जन्नत
Anukriti 'Tabassum'
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सारे
विषयों
की
ज़िम्मेदारी
है
लड़के
तेरा
जीवन
रफ़
कॉपी
है
मेरा
घर
बस
रस्ते
में
पड़ता
है
वो
इस
रस्ते
बस
पढ़ने
जाती
है
दुश्मन
चारों
खाने
चित्त
पड़ा
है
पर
घर
का
मसला
अब
तक
जारी
है
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Shivam Prajapati
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बिन
चू
में
तो
सवेरा
नईं
होता
था
बिन
देखे
अब
रात
गुज़र
जाती
है
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Shivam Prajapati
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तजरबा
ये
भी
कम
नइँ
निकला
तुझ
से
बिछड़कर
दम
नइँ
निकला
Shivam Prajapati
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बोलता
कुछ
भी
रहे
ज़ालिम
ज़माना
छोड़
जाना
जब
मुयस्सर
हो
तुझे
भी
एक
शाना
छोड़
जाना
मैं
अगर
दूँ
वास्ता
कोई
तुझे
तो
तू
हमारे
हाल
पर
बिल्कुल
तरस
मत
यार
खाना
छोड़
जाना
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Shivam Prajapati
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जिसने
इश्क़
में
ख़ुद
की
ये
हालत
कर
ली
नफ़रत
में
तेरा
क्या
हाल
करेगा
वो
Shivam Prajapati
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