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karan singh rajput
socha usse gilaa karunga main
socha usse gilaa karunga main | सोचा उस सेे गिला करूँँगा मैं
- karan singh rajput
सोचा
उस
सेे
गिला
करूँँगा
मैं
यानी
अब
कुछ
नया
करूँँगा
मैं
घबरा
मत
तू
मैं
पास
हूँ
तेरे
आते
जाते
मिला
करूँँगा
मैं
जब
सतायेगा
डर
अँधेरे
का
तब
दिया
बन
जला
करूँँगा
मैं
साथ
जब
कोई
भी
नहीं
देगा
साथ
तब
भी
चला
करूँँगा
मैं
शा'इरी
की
तरह
हो
जाना
तुम
रोज़
तुमको
पढ़ा
करूँँगा
मैं
- karan singh rajput
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अज़ल
से
ले
कर
के
आज
तक
मैं
कभी
भी
तन्हा
नहीं
रहा
हूँ
कभी
थे
तुम
तो,
कभी
थी
दुनिया,
कभी
ये
ग़ज़लें,
कभी
उदासी
Ankit Maurya
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भले
हैं
फ़ासले
क़ुर्बत
से
ख़ौफ़
लगता
है
ये
क्या
बला
है
जो
ऐसी
विरानी
क़ैद
हुई
Prashant Beybaar
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मेरे
कमरे
में
उदासी
है
क़यामत
की
मगर
एक
तस्वीर
पुरानी
सी
हँसा
करती
है
Abbas Qamar
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तन्हाई
ये
तंज
करे
है
तन्हा
क्यूँ
है
यार
कहाँ
है
आगे
पीछे
चलने
वाले
Vishal Singh Tabish
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मज़ा
चहिए
जो
आख़िर
तक
उदासी
से
मोहब्बत
कर
ख़ुशी
का
क्या
है
कब
तब्दील
है
से
थी
में
हो
जाए
Atul K Rai
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जाने
से
कोई
फ़र्क़
ही
उसके
नहीं
पड़ा
क्या
क्या
समझ
रहा
था
बिछड़ने
के
डर
को
मैं
Shariq Kaifi
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अजीब
सानेहा
मुझ
पर
गुज़र
गया
यारो
मैं
अपने
साए
से
कल
रात
डर
गया
यारो
Shahryar
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तू
किसी
और
ही
दुनिया
में
मिली
थी
मुझ
सेे
तू
किसी
और
ही
मौसम
की
महक
लाई
थी
डर
रहा
था
कि
कहीं
ज़ख़्म
न
भर
जाएँ
मेरे
और
तू
मुट्ठियाँ
भर-भर
के
नमक
लाई
थी
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Tehzeeb Hafi
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आ
जाए
कौन
कब
कहाँ
कैसी
ख़बर
के
साथ
अपने
ही
घर
में
बैठा
हुआ
हूँ
मैं
डर
के
साथ
Pratap Somvanshi
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मेरे
ही
संग-ओ-ख़िश्त
से
तामीर-ए-बाम-ओ-दर
मेरे
ही
घर
को
शहर
में
शामिल
कहा
न
जाए
Majrooh Sultanpuri
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मोहब्बत
में
अब
सब
उल्टा
हो
रहा
है
मगर
लगता
है
कुछ
अच्छा
हो
रहा
है
रो
रही
है
वो
मेरे
लौट
जाने
को
लेकर
मेरे
साथ
पहली
बार
ऐसा
हो
रहा
है
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karan singh rajput
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ये
मजबूरी
ने
देखो
कैसे
अपने
हाथ
बाँधे
है
कि
अपने
छोड़कर
सब
गैरों
के
ही
साथ
बाँधे
है
अभी
से
डरती
क्यूँ
हो
तुम
मेरी
जाँ,
रात
बाकी
है
अभी
बत्ती
बुझाई
है,
अभी
बस
हाथ
बाँधे
है
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karan singh rajput
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हर
बात
पे
तुम
इतना
बिगड़ती
क्यूँ
हो
मिरी
जाँ
मुझ
सेे
इतना
लड़ती
क्यूँ
हो
karan singh rajput
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रिश्ता
उस
सेे
अब
कुछ,
ऐसा
भी
निभाया
जाए
कि
कुछ
दिन
उसके
साथ
उसकी
तरह
रहा
जाए
karan singh rajput
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तुझे
गर
शर्म
आती
है
पुराने
इन
लिबासों
पे
तो
मेरी
जाँ
सड़क
पे
लोगों
को
तू
बे-लिबादा
देख
karan singh rajput
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