roz ka ik mashghala kuchh der kaus gali ka raasta kuchh der ka | रोज़ का इक मश्ग़ला कुछ देर का

  - Shariq Kaifi
रोज़काइकमश्ग़लाकुछदेरका
उसगलीकारास्ताकुछदेरका
बातक्याबढ़तीकिजबमा’लूमथा
साथहैकुछदूरकाकुछदेरका
उ’म्‍रभरकोएककरजाताहमें
हौसलातेरामिराकुछदेरका
फिरमुझेदुनियामेंशामिलकरगया
ख़ुदसेमेरावास्ताकुछदेरका
अबनहींतोकलयेरिश्ताटूटता
फ़र्क़क्यापड़ताभलाकुछदेरका
  - Shariq Kaifi
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