hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shamsul Hasan ShamS
sukoon se jee raha hooñ hijr ke din
sukoon se jee raha hooñ hijr ke din | सुकूँ से जी रहा हूँ हिज्र के दिन
- Shamsul Hasan ShamS
सुकूँ
से
जी
रहा
हूँ
हिज्र
के
दिन
तुम्हारी
बददुआ
को
सात
बोसे
- Shamsul Hasan ShamS
Download Sher Image
बता
रहा
है
झटकना
तेरी
कलाई
का
ज़रा
भी
रंज
नहीं
है
तुझे
जुदाई
का
मैं
ज़िंदगी
को
खुले
दिल
से
खर्च
करता
था
हिसाब
देना
पड़ा
मुझको
पाई-पाई
का
Read Full
Azhar Faragh
Send
Download Image
50 Likes
मर्म
हँसने
का
समझ
पाए
ज़रा
हम
देर
से
वस्ल
जिसको
कह
रहे
थे
हिज्र
की
बुनियाद
थी
Atul K Rai
Send
Download Image
3 Likes
ये
जो
हिजरत
के
मारे
हुए
हैं
यहाँ
अगले
मिसरे
पे
रो
के
कहेंगे
कि
हाँ
Ali Zaryoun
Send
Download Image
63 Likes
हम
कहाँ
और
तुम
कहाँ
जानाँ
हैं
कई
हिज्र
दरमियाँ
जानाँ
Jaun Elia
Send
Download Image
55 Likes
सुब्ह
तक
हिज्र
में
क्या
जानिए
क्या
होता
है
शाम
ही
से
मिरे
क़ाबू
में
नहीं
दिल
मेरा
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
28 Likes
मिरी
ज़िंदगी
तो
गुज़री
तिरे
हिज्र
के
सहारे
मिरी
मौत
को
भी
प्यारे
कोई
चाहिए
बहाना
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
24 Likes
भरम
रखा
है
तेरे
हिज्र
का
वरना
क्या
होता
है
मैं
रोने
पे
आ
जाऊँ
तो
झरना
क्या
होता
है
मेरा
छोड़ो
मैं
नइँ
थकता
मेरा
काम
यही
है
लेकिन
तुमने
इतने
प्यार
का
करना
क्या
होता
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
261 Likes
कभी
न
लौट
के
आया
वो
शख़्स,
कहता
था
ज़रा
सा
हिज्र
है
बस
सरसरी
बिछड़ना
है
Subhan Asad
Send
Download Image
24 Likes
कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
163 Likes
उस
हिज्र
पे
तोहमत
कि
जिसे
वस्ल
की
ज़िद
हो
उस
दर्द
पे
ला'नत
की
जो
अशआ'र
में
आ
जाए
Vipul Kumar
Send
Download Image
26 Likes
Read More
कोई
तो
बात
ख़ूब-सूरत
कर
सारे
लम्हात
ख़ूब-सूरत
कर
आ
कभी
ज़िंदगी
में
तू
मेरी
मेरे
दिन
रात
ख़ूब-सूरत
कर
ले
पकड़
हाथ
उम्रभर
के
लिए
ये
मेरे
हाथ
ख़ूब-सूरत
कर
ऐसे
मिल
जा
कि
फ़ासला
ना
रहे
हर
मुलाक़ात
ख़ूब-सूरत
कर
बैठ
नज़दीक
आ
के
मेरे
साथ
मेरी
औक़ात
ख़ूब-सूरत
कर
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
Download Image
1 Like
बहुत
आगे
निकल
सकता
हूँ
लेकिन
तुम्हारा
इश्क़
आड़े
आ
रहा
है
Shamsul Hasan ShamS
Send
Download Image
2 Likes
छोटा
सा
घर
बार
बहुत
है
मुझको
तेरा
प्यार
बहुत
है
इतना
तुमको
याद
रहे
बस
दुनिया
दुनियादार
बहुत
है
मत
आने
दो
और
किसी
को
एक
ही
चौकीदार
बहुत
है
रब
ने
हमको
मिलवाया
है
रब
का
इतना
प्यार
बहुत
है
कैसे
मिलने
आओगी
अब
रस्ता
ये
दुश्वार
बहुत
है
मैं
समझा
था
इश्क़
किया
है
तू
तो
साहूकार
बहुत
है
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
Download Image
3 Likes
बिछड़ने
का
इरादा
कर
लिया
क्या
सनम
ग़ैरों
से
वा'दा
कर
लिया
क्या
सुना
है
भर
गया
है
आपका
दिल
बताओ
इश्क़
ज़्यादा
कर
लिया
क्या
सुना
है
भूलने
हमको
लगे
हो
कहो
पक्का
इरादा
कर
लिया
क्या
सुना
है
मुझ
सेे
बेहतर
मिल
गया
है
किसी
सीधे
को
सादा
कर
लिया
क्या
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
Download Image
1 Like
डर
था
तन्हाईयाँ
थीं
वहशत
थी
मुझ
सेे
एक
शख़्स
को
मोहब्बत
थी
उसके
उतना
ही
काम
आया
मैं
जिसको
जितनी
मेरी
ज़रूरत
थी
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aam Shayari
Violence Shayari
Gunaah Shayari
Taareef Shayari
Diwali Shayari