hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shamsul Hasan ShamS
bahut aage nikal saktaa hooñ lekin
bahut aage nikal saktaa hooñ lekin | बहुत आगे निकल सकता हूँ लेकिन
- Shamsul Hasan ShamS
बहुत
आगे
निकल
सकता
हूँ
लेकिन
तुम्हारा
इश्क़
आड़े
आ
रहा
है
- Shamsul Hasan ShamS
Download Sher Image
ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
Send
Download Image
50 Likes
और
भी
दुख
हैं
ज़माने
में
मोहब्बत
के
सिवा
राहतें
और
भी
हैं
वस्ल
की
राहत
के
सिवा
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
102 Likes
मोहब्बत
में
नहीं
है
फ़र्क़
जीने
और
मरने
का
उसी
को
देख
कर
जीते
हैं
जिस
काफ़िर
पे
दम
निकले
Mirza Ghalib
Send
Download Image
58 Likes
वहशत-ए-दिल
के
ख़रीदार
भी
नापैद
हुए
कौन
अब
इश्क़
के
बाज़ार
में
खोलेगा
दुकाँ
Ibn E Insha
Send
Download Image
19 Likes
कितना
झूठा
था
अपना
सच्चा
इश्क़
हिज्र
से
दोनों
ज़िंदा
बच
निकले
Prit
Send
Download Image
11 Likes
मोहब्बत
का
सुबूत
अब
और
क्या
दें
तुम्हारी
माँ
को
माँ
कहने
लगे
हैं
Shadab Asghar
Send
Download Image
17 Likes
अगरचे
इश्क़
में
मजनू
बड़े
बदनाम
होते
हैं
अगरचे
क़ैस
जैसे
आशिक़ों
के
नाम
होते
हैं
भटक
सकती
नहीं
जंगल
में
लैला
चाह
करके
भी
अजी
लैला
को
घर
में
दूसरे
भी
काम
होते
हैं
Read Full
Gagan Bajad 'Aafat'
Send
Download Image
26 Likes
यार
इस
में
तो
मज़ा
है
ही
नहीं
कोई
भी
हम
सेे
ख़फ़ा
है
ही
नहीं
इश्क़
ही
इश्क़
है
महसूस
करो
और
कुछ
इसके
सिवा
है
ही
नहीं
Read Full
Madhyam Saxena
Send
Download Image
45 Likes
इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
25 Likes
मैं
चाहता
हूँ
मोहब्बत
मेरा
वो
हाल
करे
कि
ख़्वाब
में
भी
दोबारा
कभी
मजाल
न
हो
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
135 Likes
Read More
मंज़िल
पे
नहीं
आ
सका
है
कोई
अभी
तक
उस
सेे
छुड़ा
के
हाथ
सभी
रास्ते
में
हैं
Shamsul Hasan ShamS
Send
Download Image
1 Like
छोटा
सा
घर
बार
बहुत
है
मुझको
तेरा
प्यार
बहुत
है
इतना
तुमको
याद
रहे
बस
दुनिया
दुनियादार
बहुत
है
मत
आने
दो
और
किसी
को
एक
ही
चौकीदार
बहुत
है
रब
ने
हमको
मिलवाया
है
रब
का
इतना
प्यार
बहुत
है
कैसे
मिलने
आओगी
अब
रस्ता
ये
दुश्वार
बहुत
है
मैं
समझा
था
इश्क़
किया
है
तू
तो
साहूकार
बहुत
है
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
Download Image
3 Likes
पहले
इक
तरक़ीब
निकाली
जाती
है
फिर
उसकी
तस्वीर
बना
ली
जाती
है
धीरे
धीरे
बचपन
ढलता
जाता
है
और
ख़ुद
से
उम्मीद
लगा
ली
जाती
है
दिन
की
सूरत
चाँद
सितारे
तकते
हैं
और
सूरज
से
रात
निकाली
जाती
है
पहले
हमको
गिफ़्ट
दिए
जाते
हैं
फिर
हम
सेे
वो
ही
चीज़
चुरा
ली
जाती
है
पहली
सूरत
इनकारी
की
सूरत
में
इश्क़
से
अपनी
जान
बचा
ली
जाती
है
Read Full
Shamsul Hasan ShamS
Download Image
1 Like
सुकूँ
से
जी
रहा
हूँ
हिज्र
के
दिन
तुम्हारी
बददुआ
को
सात
बोसे
Shamsul Hasan ShamS
Send
Download Image
1 Like
जो
उसके
साथ
बाँधी
थी
रिवायत
तोड़
दी
मैंने
जो
वो
पूछे
तो
कह
देना
मोहब्बत
छोड़
दी
मैंने
Shamsul Hasan ShamS
Send
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Garmi Shayari
Jazbaat Shayari
Aarzoo Shayari
Attitude Shayari
Paani Shayari