pahle ik tarkeeb nikaali jaati hai | पहले इक तरक़ीब निकाली जाती है

  - Shamsul Hasan ShamS
पहलेइकतरक़ीबनिकालीजातीहै
फिरउसकीतस्वीरबनालीजातीहै
धीरेधीरेबचपनढलताजाताहै
औरख़ुदसेउम्मीदलगालीजातीहै
दिनकीसूरतचाँदसितारेतकतेहैं
औरसूरजसेरातनिकालीजातीहै
पहलेहमकोगिफ़्टदिएजातेहैंफिर
हमसेेवोहीचीज़चुरालीजातीहै
पहलीसूरतइनकारीकीसूरतमें
इश्क़सेअपनीजानबचालीजातीहै
  - Shamsul Hasan ShamS
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