hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
shampa andaliib
tira jaana kahaan bardaasht hogaa
tira jaana kahaan bardaasht hogaa | तिरा जाना कहाँ बर्दाश्त होगा
- shampa andaliib
तिरा
जाना
कहाँ
बर्दाश्त
होगा
गले
लग
जाएँगे
दीवार
से
हम
- shampa andaliib
Download Sher Image
चारागरी
दिखा
तू
हमें
अपने
लम्स
की
हमको
गले
लगा
के
हमारा
इलाज
कर
Siddharth Saaz
Send
Download Image
23 Likes
गले
मिली
कभी
उर्दू
जहाँ
पे
हिन्दी
से
मिरे
मिज़ाज
में
उस
अंजुमन
की
ख़ुशबू
है
Satish Shukla Raqeeb
Send
Download Image
27 Likes
जैसे
कोई
रोता
है
गले
प्यार
से
लग
कर
कल
रात
मैं
रोया
तेरी
दीवार
से
लग
कर
Aziz Ejaaz
Send
Download Image
27 Likes
तुम्हें
ज़रूरत
क्या
कोई
त्योहारों
की
रंग
लगाकर
गले
लगाने
आ
जाओ
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
27 Likes
न
जाने
क्यूँँ
गले
से
लगने
की
हिम्मत
नहीं
होती
न
जाने
क्यूँँ
पिता
के
सामने
बेटे
नहीं
खुलते
Kushal Dauneria
Send
Download Image
93 Likes
कोई
हाथ
भी
न
मिलाएगा
जो
गले
मिलोगे
तपाक
से
ये
नए
मिज़ाज
का
शहर
है
ज़रा
फ़ासले
से
मिला
करो
Bashir Badr
Send
Download Image
59 Likes
हम
ने
सीने
से
लगाया
दिल
न
अपना
बन
सका
मुस्कुरा
कर
तुम
ने
देखा
दिल
तुम्हारा
हो
गया
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
49 Likes
इक
अरसे
बाद
वो
मिला
इस
बार
होली
में
उसने
गले
लगा
के
दिया
प्यार
होली
में
Harsh saxena
Send
Download Image
24 Likes
गले
लगाएँ
बलाएँ
लें
तुम
को
प्यार
करें
जो
बात
मानो
तो
मिन्नत
हज़ार
बार
करें
Rind lakhnavi
Send
Download Image
47 Likes
ख़ूब-सूरत
ये
मोहब्बत
में
सज़ा
दी
उसने
फिर
गले
मिलके
मेरी
उम्र
बढ़ा
दी
उसने
Manzar Bhopali
Send
Download Image
69 Likes
Read More
आँखों
ने
जब
ख़्वाब
सजाना
छोड़
दिया
धड़कन
ने
भी
शोर
मचाना
छोड़
दिया
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
हक़ीक़त
है
हमें
मंज़ूर
लेकिन
तिजारत
ख़्वाब
की
करते
नहीं
हम
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
लोग
उस
पर
भी
हक़
जताते
हैं
जिस
की
क़ीमत
चुकाई
है
मैं
ने
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
क़ासिद
तुम्हारे
हाथ
में
ये
ख़त
नहीं
फ़क़त
इस
में
हमारी
रूह
भी
पैवस्त
हो
गई
Read Full
shampa andaliib
Send
Download Image
4 Likes
देखिए
ग़म-गुसार
कैसे
हैं
हाथ
पर
हाथ
रख
के
बैठे
हैं
वार
तो
सिर्फ़
एक
होता
है
दिल
के
टुकड़े
हज़ार
होते
हैं
सारी
दुनिया
समाई
है
मुझ
में
सारे
रस्ते
मुझी
से
गुज़रे
हैं
उन
में
तूफ़ान
थे
कई
शामिल
हमने
सोचा
हवा
के
झोके
हैं
तेरे
दीदार
की
उमीद
में
हम
तेरे
दर
पर
उदास
बैठे
हैं
Read Full
shampa andaliib
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Ilm Shayari
Rahbar Shayari
Hijr Shayari
Shaam Shayari
Dariya Shayari