umr guzar jaati hai qisse rah jaate hain | उम्र गुज़र जाती है क़िस्से रह जाते हैं

  - Shamim Abbas
उम्रगुज़रजातीहैक़िस्सेरहजातेहैं
पिछलीरुतकेबिछड़ेसाथीयादआतेहैं
लोगोंनेबतलायाहैहमअबअक्सर
बातेंकरतेकरतेकहींखोजातेहैं
कोईऐसेवक़्तमेंहमसेबिछड़ाहै
शामढलेजबपंछीघरलौटआतेहैं
अपनीहीआवाज़सुनाईदेतीहै
वर्नातोसन्नाटेहीसन्नाटेहैं
दिलकाएकठिकानाहैपरअपनाक्या
शामजहाँहोतीहैवहींपड़जातेहैं
कुछदिनहस्ब-ए-मंशाभीजीलेनेदे
देखतिरीठुड्डीमेंहाथलगातेहैं
  - Shamim Abbas
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