hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Milind samar
kya likhni kya padhni ye ghazlein meri ab
kya likhni kya padhni ye ghazlein meri ab | क्या लिखनी क्या पढ़नी ये ग़ज़लें मेरी अब
- Milind samar
क्या
लिखनी
क्या
पढ़नी
ये
ग़ज़लें
मेरी
अब
आओ
चलो
वो
आँखें
पढ़कर
आते
है
- Milind samar
Download Sher Image
जब
मिली
आँख
होश
खो
बैठे
कितने
हाज़िर
जवाब
हैं
हम
लोग
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
29 Likes
ये
इम्तियाज़
ज़रूरी
है
अब
इबादत
में
वही
दु'आ
जो
नज़र
कर
रही
है
लब
भी
करें
Abhishek shukla
Send
Download Image
25 Likes
तुम
मेरी
तरफ़
देखना
छोड़ो
तो
बताऊँ
हर
शख़्स
तुम्हारी
ही
तरफ़
देख
रहा
है
Waseem Barelvi
Send
Download Image
91 Likes
मेरी
नींदें
उड़ा
रक्खी
है
तुम
ने
ये
कैसे
ख़्वाब
दिखलाती
हो
जानाँ
किसी
दिन
देखना
मर
जाऊँगा
मैं
मेरी
क़स
में
बहुत
खाती
हो
जानाँ
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
41 Likes
आँसू
हमारे
गिर
गए
उन
की
निगाह
से
इन
मोतियों
की
अब
कोई
क़ीमत
नहीं
रही
Jaleel Manikpuri
Send
Download Image
22 Likes
निगाह-ए-शोख़
का
क़ैदी
नहीं
है
कौन
यहाँ
किसे
तमन्ना
नहीं
फूल
चूमने
को
मिले
Aks samastipuri
Send
Download Image
49 Likes
जिस
पर
हमारी
आँख
ने
मोती
बिछाए
रात
भर
भेजा
वही
काग़ज़
उसे
हम
ने
लिखा
कुछ
भी
नहीं
Bashir Badr
Send
Download Image
41 Likes
कबूतर
इश्क़
का
उतरे
तो
कैसे?
तुम्हारी
छत
पे
निगरानी
बहुत
है
इरादा
कर
लिया
गर
ख़ुद-कुशी
का
तो
ख़ुद
की
आँख
का
पानी
बहुत
है
Read Full
Kumar Vishwas
Send
Download Image
92 Likes
दूर
इक
सितारा
है
और
वो
हमारा
है
आँख
तक
नहीं
लगती
कोई
इतना
प्यारा
है
छू
के
देखना
उसको
क्या
अजब
नज़ारा
है
तीर
आते
रहते
थे
फूल
किसने
मारा
है
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
43 Likes
माँ
जैसे
देखती
हो
तुम
मगर
मैं
तुम्हारी
आँख
का
तारा
नहीं
हूँ
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
31 Likes
Read More
कही
लिखे
हैं
तेरा
मेरा
नाम
एक
साथ
अब
पुकारते
हैं
तेरा
मेरा
नाम
एक
साथ
अब
थे
अपने
वस्ल
के
ख़िलाफ़
वो
जो
लोग
,वोही
अब
तराशते
हैं
तेरा
मेरा
नाम
एक
साथ
अब
अलग
अलग
न
पूछता
कोई
भी
अपने
नाम
अब
वो
पूछते
हैं
तेरा
मेरा
नाम
एक
साथ
अब
Read Full
Milind samar
Download Image
1 Like
अब
लिखा
हर
शे'र
मेरा
इश्क़
माँगे
मैं
नहीं
हर
शख़्स
तेरा
इश्क़
माँगे
Milind samar
Send
Download Image
1 Like
अब
मिल
भी
जाए
वो
तो
मैं
छोड़
दूँगा
उसको
मैं
उस
ही
की
तरह
तोड़
दूँगा
उलफ़त
की
मंज़िल
आख़िरी
वो
हुई
तो
मैं
अपना
रस्ता
और
कहीं
मोड़
दूँगा
रखना
मेरे
ग़म
को
सँभाले,
मैं
इक
दिन
इन
के
दर्दों
से
उसको
झिंझोड़
दूँगा
ख़ुश
है
हम
रोता
देख
उसको
“शामिल”
आख़िर
अब
मैं
दिल
और
कहीं
जोड़
दूँगा
Read Full
Milind samar
Download Image
1 Like
लिखनी
थी
हर
ज़ुबाँ
में
मोहब्बत
मुझे
मैंने
काग़ज़
पे
बस
माँ
ही
माँ
लिख
दिया
Milind samar
Send
Download Image
1 Like
न
साथ
थे
हम
न
पास
थे
हम
न
एक
दूजे
की
आस
थे
हम
पता
चला
बाद-अज़
में
मुझको
हँसी
की
उसकी
मिठास
थे
हम
सुकून
इक
दूज़े
से
था
हमको
के
एक
दूज़े
की
प्यास
थे
हम
रहा
न
वो
इश्क़
ज़िंदगी
भर
इस
इक
वजह
से
उदास
थे
हम
Read Full
Milind samar
Download Image
0 Likes
Read More
Subhan Asad
Anjum Saleemi
Siraj Faisal Khan
Zubair Ali Tabish
Swapnil Tiwari
Firaq Gorakhpuri
Aziz Nabeel
Jaan Nisar Akhtar
Ameer Minai
Zafar Gorakhpuri
Get Shayari on your Whatsapp
Dhoop Shayari
Berozgari Shayari
Mehnat Shayari
Dosti Shayari
Shadi Shayari