yuñ mujhe teri sadaa apni taraf kheenchti hai | यूँँ मुझे तेरी सदा अपनी तरफ़ खींचती है

  - Shahid Zaki
यूँँमुझेतेरीसदाअपनीतरफ़खींचतीहै
जैसेख़ुशबूकोहवाअपनीतरफ़खींचतीहै
येमुझेनींदमेंचलनेकीजोबीमारीहै
मुझकोइकख़्वाब-सराअपनीतरफ़खींचतीहै
मुझेदरियासेनहींहैकोईलेना-देना
क्यूँँमुझेमौज-ए-बलाअपनीतरफ़खींचतीहै
खींचतीहैमुझेरहरहकेमोहब्बतउसकी
जैसेफ़ानीकोफ़नाअपनीतरफ़खींचतीहै
मैंहूँसूरजसारवाँरातकीजानिब'शाहिद'
मुझबरहनाकोक़बाअपनीतरफ़खींचतीहै
  - Shahid Zaki
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy