'आशिक़कोअबइसतरहसेबर्बादकरोतुम
यूँँपासबुलाकरउसेआबादकरोतुम
इतनीसीहीबातोंमेंजोतुमरोनेलगीहो
दिलअपनायेशीशानहींफ़ौलादकरोतुम
आँखोंसेसुनूँमैंजोकिआँखोंसेकहोतुम
बातोंमेंअदाऐसीहीईजादकरोतुम
सुनतेहैंकिबच्चोंसेतुम्हेंप्यारबहुतहै
ऐसाहैतोफिरदर्जनोंऔलादकरोतुम
ग़ज़लोंकोसुनानेकाहैअबवक़्ततुम्हारा
मैंशौक़सेसुनताहूँबसइरशादकरोतुम