ik to main iqaar bhi karta nahin hooñ | इक तो मैं इक़रार भी करता नहीं हूँ

  - Adnan Ali SHAGAF
इकतोमैंइक़रारभीकरतानहींहूँ
दूसराइज़हारभीकरतानहींहूँ
क्यूँफिरउसकीदिलमेंइतनीअहमियतहै
मैंतोउससेेप्यारभीकरतानहींहूँ
मैंज़िरहआमेज़हूँऔरवोनिहत्था
क्यासितमहैवारभीकरतानहींहूँ
उसकीआदतहैफ़क़तआँखेंदिखाना
औरमैंआँखेंचारभीकरतानहींहूँ
ज़िन्दगीमसरूफ़ियतकानामहैऔर
मैंकोईइतवारभीकरतानहींहूँ
ख़्वाबकोअबनींदआएयाआए
मैंतोकुछसाकारभीकरतानहींहूँ
  - Adnan Ali SHAGAF
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