dil ae gareeb ko naashaad kar ke roya jaa.e | दिल-ए-ग़रीब को नाशाद कर के रोया जाए

  - Shadab Javed
दिल-ए-ग़रीबकोनाशादकरकेरोयाजाए
कोईनहींहैजिसेयादकरकेरोयाजाए
अमीर-ए-शहरकेबसकानहींहमारासवाल
किसीफ़क़ीरसेफरियादकरकेरोयाजाए
सुतून-ए-अर्शहैलर्ज़ाकिसीकीआहोंसे
ख़राब-हालोंउसेशादकरकेरोयाजाए
किसीकोदेखकेहँसनेसेलाखबेहतरहै
किसीकेदुखमेंकुछइमदादकरकेरोयाजाए
येकोह-ए-ज़ीस्तफ़क़तआँसुओंसेपिघलेगा
सोअपनेअज़्मकोफ़रहादकरकेरोयाजाए
सबबनहींहैकोईआह-ओ-सीना-कूबीका
सबबनहींहैतोईजादकरकेरोयाजाए
वोहादसामेरीआँखोंकोख़ुश्ककरगयाथा
उसीकोआजक्यूँँयादकरकेरोयाजाए
नज़रमेंसुर्ख़ज़मींहैलहूहैलाशेंहैं
सोशहर-ए-क़ल्बकोबग़दादकरकेरोयाजाए
ख़ुदाकरेमेरीशादाबियतमरेकिसीशब
ख़ुदाकरेमुझेशब-ज़ादकरकेरोयाजाए
  - Shadab Javed
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