hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
SWAPNIL YADAV 'NIL'
ye kabhi mukhtasar nahin aati
ye kabhi mukhtasar nahin aati | ये कभी मुख़्तसर नहीं आती
- SWAPNIL YADAV 'NIL'
ये
कभी
मुख़्तसर
नहीं
आती
ज़िन्दगी
पर
नज़र
नहीं
आती
आपके
याँ
ही
मौत
मुर्दों
को
आती
होगी
इधर
नहीं
आती
ग़म
यही
है
कि
आह
अब
मेरे
जिस्म
को
चीर
कर
नहीं
आती
मौत
भी
दिल
दुखायगी
मेरा
मौत
भी
वक़्त
पर
नहीं
आती
तब
मुझे
चैन
ही
नहीं
पड़ता
तीरगी
जब
नज़र
नहीं
आती
वो
कोई
रेल
है
कि
रौनक
है
गुम
है,
मेरे
शहर
नहीं
आती
- SWAPNIL YADAV 'NIL'
Download Ghazal Image
जब
तक
जला
ये
हम
भी
जले
इसके
साथ
साथ
जब
बुझ
गया
चराग़
तो
सोना
पड़े
हमें
Abbas Qamar
Send
Download Image
26 Likes
तुम
भी
लिखना
तुम
ने
उस
शब
कितनी
बार
पिया
पानी
तुम
ने
भी
तो
छज्जे
ऊपर
देखा
होगा
पूरा
चाँद
Nida Fazli
Send
Download Image
32 Likes
अब
ये
भी
नहीं
ठीक
कि
हर
दर्द
मिटा
दें
कुछ
दर्द
कलेजे
से
लगाने
के
लिए
हैं
Jaan Nisar Akhtar
Send
Download Image
47 Likes
मैं
पा
सका
न
कभी
इस
ख़लिश
से
छुटकारा
वो
मुझ
से
जीत
भी
सकता
था
जाने
क्यूँँ
हारा
Javed Akhtar
Send
Download Image
40 Likes
शिकारी
से
बचने
में
कैसा
कमाल
निशाने
पे
रहना
बड़ी
बात
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
49 Likes
दुखे
हुए
लोगों
की
दुखती
रग
को
छूना
ठीक
नहीं
वक़्त
नहीं
पूछा
करते
हैं
यारों
वक़्त
के
मारों
से
Vashu Pandey
Send
Download Image
36 Likes
कई
शे'र
पढ़
कर
है
ये
बात
जानी
कोई
शे'र
उसके
मुक़ाबिल
नहीं
है
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
15 Likes
पहले
पानी
को
और
हवा
को
बचाओ
ये
बचा
लो
तो
फिर
ख़ुदा
को
बचाओ
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
36 Likes
तुझे
छूकर
अभी
तक
होश
में
हूँ
कमी
कोई
कहीं
तो
रह
गई
है
Abhay Mishra
Send
Download Image
6 Likes
तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
Send
Download Image
52 Likes
Read More
आपका
अक्स
मुझ
में
अमृत
था
आपका
हिज्र
दिल
पे
आरी
है
Read Full
SWAPNIL YADAV 'NIL'
Send
Download Image
4 Likes
बग़ीचे
में
हमीं
हैं
गा
रहे
हैं
ये
पंछी
फिर
किसे
भरमा
रहे
है
ख़ुदा
हम
मान
कर
तेरी
तमन्ना
तिरी
दुनिया
से
तन्हा
जा
रहे
हैं
अभी
महकेगा
कुछ
दिन
ये
बदन
भी
हम
उसके
गाँव
होकर
आ
रहे
हैं
कहा
था
मौत
पर
मिलना
रहेगा
कफ़न
के
कोट
हम
सिलवा
रहे
हैं
सिपाही
हैं
अगर
इंसान
ही
तो
हम
इनसे
जंग
क्यूँ
लड़वा
रहे
हैं
कभी
जो
ज़िन्दगी
रस्ते
भुला
दे
चलो
जिस
ओर
दरिया
जा
रहे
हैं
Read Full
SWAPNIL YADAV 'NIL'
Download Image
1 Like
तुम्हारे
साथ
जो
हँसता
बहलता
एक
लड़का
है
पलटकर
रो
भी
पड़ता
है,
मगर
तुझ
सेे
नहीं
कहता
SWAPNIL YADAV 'NIL'
Send
Download Image
2 Likes
सरहदे-मौत
पर
भी
मिली
ही
नहीं
है
कि
हिस्से
मेरे
ज़िन्दगी
ही
नहीं
ख़ामुशी
है
उदासी
व
अफ़सुर्दगी
शामिले-जश्न
है
ख़ुद-कुशी
ही
नहीं
एक
लड़की
कि
जिसका
दिखा
अक़्स
था
चौक
पर
ही
वो
थी
और
थी
ही
नहीं
माँगती
और
बोसा
है
तिश्ना
जबीं
अज़्ल
की
आग
है
ये
बुझी
ही
नहीं
जाएँ
रोने
कहाँ
ऐ
ख़ुदा
तू
बता
है
कि
दुनिया
में
अब
तीरगी
ही
नहीं
Read Full
SWAPNIL YADAV 'NIL'
Download Image
4 Likes
तुम्हारे
पास
जब
शाना
नहीं
था
मेरी
सुननी
थी
समझाना
नहीं
था
ये
कैसी
ज़िन्दगी
है
ज़िन्दगी
सुन
हमें
तो
इस
तरफ़
आना
नहीं
था
मैं
सोया
पत्थरों
पे
बाम
धरकर
कोई
अपना
कोई
शाना
नहीं
था
सभी
के
दिल
में
शहनाई
बजी
है
तुझे
ऐ
दोस्त
मुस्काना
नहीं
था
तुझे
कैसे
पता
हैं
दर्द
मेरे
तुझे
तो
यार
भी
माना
नहीं
था
बहुत
आज़ाद
था
मैं
कल
की
शब
को
मेरे
रोने
पे
जुर्माना
नहीं
था
मैं
कश्ती
ख़ुद
डुबोना
चाहता
हूँ
मुझे
उस
पार
भी
जाना
नहीं
था
गई
शब
बाग़
में
कोई
न
बोला
परिंदों
ने
भी
पहचाना
नहीं
था
Read Full
SWAPNIL YADAV 'NIL'
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Sabr Shayari
Hawa Shayari
Hasrat Shayari
Zulf Shayari
Satire Shayari