qaabez raha hai dil pe jo sultaan ki tarah | क़ाबिज़ रहा है दिल पे जो सुलतान की तरह

  - Sarfaraz Shahid
क़ाबिज़रहाहैदिलपेजोसुलतानकीतरह
आख़िरनिकलगयाशह-ए-ईरानकीतरह
ज़ाहिरमेंसर्द-ओ-ज़र्दहैकाग़ानकीतरह
लेकिनमिज़ाजउसकाहैमुल्तानकीतरह
राज़-ओ-नियाज़मेंभीअकड़-फ़ूँनहींगई
वोख़तभीलिखरहाहैतोचालानकीतरह
लुक़्माहलालकाजोमिलाअहल-कारको
उसनेचबाकेथूकदियापानकीतरह
ज़िक्रउसपरी-जमालकाजबऔरजहाँछिड़ा
फ़ौरनरक़ीबगयाशैतानकीतरह
इकलम्हाउसकीदीदहुईबसकीभीड़में
औरफिरवोखोगयामिरेऔसानकीतरह
मैंमुब्तला-ए-क़र्ज़रहाचारसालतक
वोसिर्फ़चारदिनरहामेहमानकीतरह
हरबातकेजवाबमेंफ़ौरननहींनहीं
निकलाज़बान-ए-यारसेगर्दानकीतरह
'शाहिद'सेकहरहेहोकिरोज़ेरखाकरे
हरमाहजिसकागुज़राहैरमज़ानकीतरह
  - Sarfaraz Shahid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy