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Sandeep dabral 'sendy'
suna hai jo use dekhe usii ke simt ho jaa.e
suna hai jo use dekhe usii ke simt ho jaa.e | सुना है जो उसे देखे उसी के सिम्त हो जाए
- Sandeep dabral 'sendy'
सुना
है
जो
उसे
देखे
उसी
के
सिम्त
हो
जाए
मियाँ
करके
ये
गुस्ताख़ी
उसे
अब
हम
भी
देखेंगे
- Sandeep dabral 'sendy'
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पहला
इश्क़
सफल
हो
जाए
यार
कहाँ
ये
मुमकिन
है
पहली
रोटी
गोल
बने
ये
तो
लगभग
नामुमकिन
है
Rituraj kumar
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लबों
के
पास
आकर
मुड़
गए
फिर
ग़ज़ब
का
दर्द
देते
हो
मियाँ
तुम
Ashish Awasthi
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और
फिर
लोग
यही
कहते
फिरेंगे
इक
दिन
यार
कल
ही
तो
मेरी
बात
हुई
थी
उस
सेे
Saad Ahmad
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यार
इक
बार
परिंदों
को
हुकूमत
दे
दो
ये
किसी
शहर
को
मक़्तल
नहीं
होने
देंगे
ये
जो
चेहरे
हैं
यहाँ
चाँद
से
चेहरे
'ताबिश'
ये
मिरा
इश्क़
मुकम्मल
नहीं
होने
देंगे
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Abbas Tabish
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मुझ
सेे
पहले
कोई
रंग
लगाए
उनको
कैसे
सह
लें
यार
भला
ये
होली
में
हम
Priya Dixit
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कहाँ
की
दोस्ती
किन
दोस्तों
की
बात
करते
हो
मियाँ
दुश्मन
नहीं
मिलता
कोई
अब
तो
ठिकाने
का
Waseem Barelvi
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यार
माँगा
था
मोहब्बत
की
दु'आ
माँगी
थी
और
इस
दिल
के
हिफ़ाज़त
की
दु'आ
माँगी
थी
अब
तो
कुछ
उसका
बिगाड़ा
भी
नहीं
जा
सकता
मैंने
ख़ुद
उसके
सलामत
की
दु'आ
माँगी
थी
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Ritesh Rajwada
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मुतअस्सिर
हैं
यहाँ
सब
लोग
जाने
क्या
समझते
हैं
नहीं
जो
यार
शबनम
भी
उसे
दरिया
समझते
हैं
हक़ीक़त
सारी
तेरी
मैं
बता
तो
दूँ
सर-ए-महफ़िल
मगर
ये
लोग
सारे
जो
तुझे
अच्छा
समझते
हैं
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Nirvesh Navodayan
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रात
दिन
तेरे
साथ
कटते
थे
यार
अब
तुझ
सेे
बात
से
भी
गए
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
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Kafeel Rana
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तिलिस्म-ए-यार
ये
पहलू
निकाल
लेता
है
कि
पत्थरों
से
भी
ख़ुशबू
निकाल
लेता
है
है
बे-लिहाज़
कुछ
ऐसा
की
आँख
लगते
ही
वो
सर
के
नीचे
से
बाजू
निकाल
लेता
है
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Tehzeeb Hafi
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आज
एक
बाग़बाँ
उदास
बैठ
रो
रहा
उसका
फूल
भी
कोई
अमीर-ज़ादा
ले
गया
Sandeep dabral 'sendy'
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इसलिए
भी
गहरा
होता
है
दादा
पोते
का
रिश्ता
क्योंकि
सभी
को
मूल
से
ब्याज
ज़ियादा
प्यारा
होता
है
Sandeep dabral 'sendy'
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रौशनी
क्या
चीज़
है
कोई
तिमिर
से
पूछिए
तो
मिट
गई
जिसकी
महत्ता
बस
ज़रा
सी
ही
झलक
से
Sandeep dabral 'sendy'
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वक़्त
लगता
है
नतीजों
को
यहाँ
आने
में
अक्स
दिखता
न
कभी
चलते
हुए
पानी
में
Sandeep dabral 'sendy'
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पाँच
छः
महीनों
का
इंतज़ाम
हो
जाए
इक
झलक
भी
गर
उसकी
मेरे
नाम
हो
जाए
Sandeep dabral 'sendy'
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